नई दिल्ली: राजधानी में इन दिनों यमुना (Yamuna) नदी की भयानक बाढ़ की चपेट में है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने नदी को विकराल रूप दे दिया है, और जल स्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। अधिकारियों के ताजा अपडेट के मुताबिक, सुबह 9 बजे यमुना का जल स्तर 206.85 मीटर तक पहुंच चुका था, जो कुछ ही घंटों पहले 8 बजे के आसपास भी इसी स्तर पर था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह 206.90 मीटर तक जा सकता है, जिसके चलते बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस आपदा का प्रभाव दिल्ली के हर हिस्से में महसूस हो रहा है, सड़कें जलमग्न हैं, बाजार ठप पड़े हैं, और कई घरों में पानी घुस चुका है। आइए, इस संकट की कुछ ऐसी झलकियां देखें जो दिल्ली की इस मुश्किल घड़ी को साफ बयां करती हैं।
1. निगमबोध घाट पर पानी का प्रकोप
दिल्ली की ऐतिहासिक और धार्मिक जगह निगमबोध घाट अब पूरी तरह पानी की गिरफ्त में है। यमुना की लहरें घाट की सीढ़ियों को लांघकर ऊपर तक फैल गई हैं। आसपास के लोग बताते हैं कि इतना भयावह नजारा उन्होंने सालों से नहीं देखा। घाट का पूरा इलाका डूबा हुआ है, और लोग हैरान-परेशान हैं।
2. पुराने यमुना ब्रिज पर संकट के बादल
दिल्ली का पुराना यमुना ब्रिज, जो शहर की पुरानी यादों का प्रतीक है, अब खतरे की जद में आ गया है। नदी का पानी ब्रिज के इतने करीब पहुंच चुका है कि बहाव की तेजी देखकर सिहरन हो जाती है। प्रशासन ने यहां ट्रैफिक को रोक दिया है, और ट्रांस-यमुना क्षेत्र के कई मोहल्लों में पानी भर गया है। गलियां तालाब बन चुकी हैं, लोग अपना सामान संभालने में जुटे हैं। बच्चे और बुजुर्गों को सुरक्षित जगहों पर ले जाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। स्थानीय कहते हैं कि हर मानसून में बाढ़ की चर्चा होती है, लेकिन इस बार हालात हाथ से निकल चुके हैं।
3. मॉनेस्ट्री मार्केट में सन्नाटा और सैलाब
हमेशा चहल-पहल से भरा मॉनेस्ट्री मार्केट अब बाढ़ के पानी में डूबा पड़ा है। दुकानें बंद हैं, सड़कों पर पानी का तेज प्रवाह बह रहा है। व्यापारियों को अपना माल खराब होने का डर है, और बाजार का पूरा माहौल उदास है।
4. यमुना बाजार की गलियों में पानी का आतंक
यमुना बाजार इलाका इस बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है। पूरा क्षेत्र जल थल एक हो चुका है, और लोग घर छोड़कर बाहर निकलने को मजबूर हैं। कई परिवारों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है, जहां वे मुश्किल से गुजर-बसर कर रहे हैं।
5. मयूर विहार में राहत के प्रयास, प्रशासन की मुस्तैदी
नदी के आसपास के निचले इलाकों से लोगों को निकालने का काम जोरों पर है। मयूर विहार फेज-1 के नजदीक राहत कैंप लगाए गए हैं, जहां भोजन, पानी और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारी कहते हैं कि स्थिति पर कड़ी नजर है, और अगर जरूरत पड़ी तो और कैंप खोले जाएंगे। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की आशंका जताई है, जिससे परेशानी बढ़ सकती है। दिल्ली के निवासियों से गुजारिश है कि नदी किनारे से दूर रहें और सरकारी निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
पिछले 63 सालों का रिकॉर्ड: दुर्लभ घटना
दिल्ली सरकार के सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के डेटा से पता चलता है कि पिछले 63 वर्षों में यमुना ने 43 बार 205 मीटर का स्तर पार किया, 14 बार 206 मीटर तक पहुंची, लेकिन सिर्फ चार बार 207 मीटर से ऊपर गई। इसमें 2023 का रिकॉर्ड 208.66 मीटर का उच्चतम स्तर भी शामिल है, जो अब तक का सबसे ज्यादा रहा।
ट्रैफिक अलर्ट से दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि आपात स्थिति के कारण सुबह 8:30 से 11:30 बजे तक कुछ रास्तों पर प्रतिबंध और डायवर्जन लागू हैं। प्रभावित जगहें हैं: डब्ल्यू पॉइंट, ए पॉइंट (ITO चौक), बहादुरशाह जफर मार्ग, दिल्ली गेट, JLN मार्ग, राजघाट और शांति वन क्रॉसिंग, सलीमगढ़ फ्लाईओवर बाईपास, एमजीएम, प्रगति मैदान टनल से शांति वन चौक, विकास मार्ग और आईपी मार्ग।
इन रास्तों से बचें
- वैकल्पिक रूट अपनाएं ताकि सफर आसान रहे
- ट्रैफिक पुलिस के सुझाव मानें



