बिहार की छोटी नदियां भी ऊफान पर, 17.62 लाख पर बाढ़ का प्रकोप

बिहार में इन दिनों गंगा, गंडक, कोसी, बागमती, पुनपुन समेत कई छोटी बड़ी नदियां रौद्र रूप में है। गंगा नदी की तेज धार बाढ़ से हाहाकार मचा रही है।

Share This Article:

पटना: बिहार में बड़ी नदियों के बाद अब छोटी नदियां भी खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। सोमवार शाम तक 13 छोटी नदियां लाल निशान से ऊपर बह रही थीं, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है। उधर, गंगा समेत 10 बड़ी नदियां पहले से ही खतरे के निशान से ऊपर हैं, जिसके चलते 17.62 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जल संसाधन विभाग ने सभी संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए अभियंताओं और तटबंध सुरक्षा कर्मियों को सतर्क कर दिया है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार इस समय माही, बाया, गंडकी, दाहा, बरही, कारी कोसी, कर्मनाशा, धर्मावती, दुर्गावती, मोहाने, भूतही, चिरैया, घोघा नदियां लाल निशान के पार पहुंच गई हैं। इसके कारण सारण, समस्तीपुरपु, कटिहार, कैमूर नालंदा, भागलपुरपु, बक्सर जिले के बड़े इलाके में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में पानी तेजी से फैल रहा है। इनमें से कई नदियां खतरे के निशान से दो से पांच मीटर तक ऊपर बह रही हैं। यही नहीं इनके जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके पहले से गंगा समेत सूबे की दस बड़ी नदियां कहर ढा रही हैं। 

कोसी, बागमती, अधवारा, गंडक, बूढ़ी, गंडक, महानंदा, घाघरा, सोन और पुनपुन का जलस्तर पिछले 10 दिनों से लगातार खतरे के निशान से ऊपर है। इसके कारण तटबंधों पर भारी दबाव की स्थिति है। विभाग के अभियंता रात्रिकालीन पेट्रोलिंग कर रहे हैं, जबकि तटबंध सुरसुक्षाकर्मी 24 घंटे गश्त लगा रहे हैं। किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में निकट के पंचायतों से भी मदद का अनुरोध किया गया है। उनसे किसी प्रकार के कटाव या रिसाव की स्थिति में तत्काल सूचना देने को कहा गया है। 

इसको भी पढ़ें: Bihar में पेंशन की दूसरी किस्त जारी

जल संसाधन विभाग ने सभी 3800 किलोमीटर तटबंधों सुरक्षाकर्मियों की प्रतिनियुक्तिय कर उनकी जानकारी सार्वजनिक की है। कोई भी व्यक्ति अपने क्षेत्र के सुरक्षाकर्मी की जानकारी क्यूआर कोड स्कैन करके हासिल कर सकता है। 

Flood का असर और राहत कार्य

बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या 8 से बढक़र 10 हो गई है। इन दस जिलों के 46 प्रखंडों की 269 ग्राम पंचायतों के 17 लाख 62 लाख लोग बाढ़ प्रभावित हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित जिले, वैशाली, भोजपुर, पटना, लखीसराय, भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय, सारण, खगडिय़ा और सुपौल। इन जिलों में बाढ़ से करीब 17.62 लाख (46 प्रखंड, 269 ग्राम पंचायत) प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत दिलाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न जिलों में कुल 321 सामुदायिक रसोई से रोजाना बाढ़ प्रभावित लगभग 3.71 लाख लोगों को भोजन कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त दो राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। इनमें लगभग 1306 बाढ़ शारणार्थियों के लिए आवासन, भोजन, चिकित्सा आदि की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच अब तक लगभग 54200 पॉलिथीन शीट एवंलगभग 10650 सूखा राशन पैकेपै केट बांटा गया है। बाढ़ प्रभावित जिलों में लोगों के आवागमन में सुविधा के लिए 1186 नावें चलाई जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के लिए एसडीआरएफ की 22 और एनडीआरएफ की 10 टीमों को तैनात किया गया है।

खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदियां

नदी जिलाखतरे से ऊपर (सेमी)
माही सारण   233
गंडकी सारण   206
दाहा सारण    049
बाया समस्तीपुर 129
बरही कटिहार    101
कारी कोसीकटिहार 79
कर्मनाशा कैमूर   117
धर्मावती बक्सर  92
दुर्गावती रोहतास 26
मोहाने नालंदा 21
भूतही नालंदा 70
चिरैया नालंदा 05
घोघा भागलपुर 493

गंगा के जलस्तर में कमी

पिछले 72 घंटों में गंगा के जलस्तर में लगभग 1 मीटर की कमी आई है। मनेर 52.61 मीटर (खतरे का निशान 52.00 मीटर), दीघाघाट  50.92 मीटर (खतरे का निशान 50.45 मीटर), गांधीघाट 49.63 मीटर (खतरे का निशान 48.60 मीटर),हाथीदह 42.99 मीटर (खतरे का निशान 41.76 मीटर), पुनपुन, श्रीपालपुर 51.80 मीटर (खतरे का निशान 50.60 मीटर)।

NewG Network

contact@newgindia.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.