बेतिया: सिकटा विधानसभा सीट पर इस बार का चुनावी मुकाबला नया मोड़ ले चुका है। देश के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध रखने के आरोप में जेल जा चुके शशांक पांडेय ने सोमवार को तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल पार्टी से नरकटियागंज अनुमंडल मुख्यालय में डीसीएलआर के समक्ष नामांकन दाखिल किया।
अभी तक मेरे ऊपर आरोप साबित नहीं हुए- शशांक
नामांकन के बाद शशांक पांडेय ने कहा, लॉरेंस बिश्नोई मेरा भाई है, लेकिन मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं। मुझे साजिश के तहत बदनाम किया गया, जबकि मैंने हमेशा समाज के लिए काम किया है।” उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिकटा की जनता के विकास और सम्मान की लड़ाई लड़ना है।
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‘बाहरी भगाओ, सिकटा बचाओ’
शशांक ने आगे कहा कि वह इस चुनाव में ‘बाहरी भगाओ, सिकटा बचाओ’ के नारे के साथ मैदान में हैं। उनके मुताबिक, सिकटा की जनता बाहरी उम्मीदवारों से अब त्रस्त हो चुकी है और एक स्थानीय चेहरा चाहती है, जो उनकी समस्याओं को समझे और उनके लिए खड़ा हो। शशांक पांडेय का नामांकन दाखिल करना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां विरोधी दल उनकी कथित आपराधिक पृष्ठभूमि को मुद्दा बना रहे हैं, वहीं समर्थक उन्हें निडर और जमीनी नेता के रूप में पेश कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शशांक पांडेय का मैदान में उतरना सिकटा विधानसभा के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, खासकर युवा मतदाताओं पर उनका असर देखने लायक रहेगा



