नई दिल्ली: 15 जनवरी 2019 को एडिलेड (Adelaide ODI 2019) में भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच दूसरा वनडे मैच खेला गया। टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। शुरुआती जोड़ी एरॉन फिंच और एलेक्स कैरी जल्दी आउट हो गई, जिससे टीम दबाव में आ गई। लेकिन शॉन मार्श ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 123 गेंदों में 131 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 3 छक्के शामिल थे। ग्लेन मैक्सवेल ने 48 रन बनाकर थोड़ी मदद की, लेकिन बाकी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। ऑस्ट्रेलिया 50 ओवर में 298/9 पर सिमट गई। भारत की ओर से भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) ने 4 और मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने 3 विकेट लिए।
रोहित शर्मा ने दी दमदार शुरुआत
भारत ने 299 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत में सधी हुई साझेदारी बनाई। रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने 52 गेंदों में 43 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 2 छक्के शामिल थे। शिखर धवन के साथ उनकी जोड़ी ने टीम को शुरुआती मजबूती दी। धवन 32 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन रोहित की बल्लेबाजी ने रन गति बनाए रखी। इसके बाद विराट कोहली (Virat Kohli) और अंबाती रायडू ने पारी को संभाला।
विराट कोहली का शतक और धोनी की क्लासिक फिनिशिंग
विराट कोहली ने 112 गेंदों पर 104 रन बनाकर अपनी रन मशीन छवि को फिर से साबित किया। उनके शतक ने टीम को जीत के करीब ला दिया। कोहली के आउट होने के बाद एमएस धोनी (MS Dhoni) ने क्रीज संभाली और नाबाद 55 रन बनाकर मैच को समाप्त किया। दिनेश कार्तिक ने भी 25 तेज़ रन जोड़कर टीम को जीत दिलाने में मदद की। कोहली को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
भुवनेश्वर कुमार की घातक गेंदबाजी
इस मुकाबले में भारत की जीत में भुवनेश्वर कुमार का प्रदर्शन अहम रहा। उन्होंने नई और पुरानी गेंद से पावरप्ले में दबाव बनाया और डेथ ओवर्स में सटीक यॉर्कर से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को कंट्रोल में रखा। उनके अलावा मोहम्मद शमी ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई टीम को सीमित स्कोर पर रोकने में मदद की।
मैच का सार और भारतीय टीम की मजबूती
रोहित शर्मा की धमाकेदार शुरुआत, विराट कोहली का शतक और धोनी की क्लासिक फिनिशिंग ने भारत को यादगार जीत दिलाई। बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी में टीम का संतुलन मैच की जीत का मुख्य कारण रहा। भारतीय दर्शक उत्साहित हुए और ऑस्ट्रेलियाई फैंस चुप रह गए। इस मुकाबले ने साबित कर दिया कि भारत की टीम में मैच के हर मोड़ पर सुधार और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता है।



