NDA में सीट बंटवारे का फार्मूला तैयार, मांझी को फायदा!

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले NDA में सीट बंटवारे का फार्मूला तैयार, मांझी को खास फायदा!गठबंधन में सीट बंटवारे पर तालमेल बनाने की कोशिश जारी है। सहयोगी दलों की बढ़ती मांगों के बीच अमित शाह ने बिहार चुनाव के लिए सीट बंटवारे के फॉर्मूले को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। पटना से रत्नेश पाण्डेय की रिपोर्ट

Share This Article:

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति को भाजपा अंतिम रूप देने में जुट गई है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दो दिवसीय बिहार यात्रा को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। बिहार NDA गठबंधन में सीट बंटवारे का फार्मूला तैयार हो गया है। नवरात्रि खत्म होते ही एनडीए गठबंधन में सभी दलों के खाते में कितनी सीटे आएंगी। इसका औचारिक ऐलान कर दिया जाएगा। चिराग पासवान से जब एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसका इशारा पहले ही कर दिया था लेकिन इन सब के बीच में चर्चा यह है कि क्या चिराग पासवान को कही कम सीटों के साथ संतोष करना पड़ सकता है। यदि ऐसा होता है तो क्या वह एनडीए गठबंधन में बने रहेंगे या एकला चलों की राह पर चलेंगे।

NDA में सीट बंटवारे का फॉर्मूला!

इस चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी को बड़ा भाई का दर्जा मिलने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार जेडीयू को 102-103 सीटें मिल सकती हैं। नीतीश को एनडीए का चेहरा बनाने का फैसला भाजपा ने लिया है, जो 2020 के मुकाबले जेडीयू को मजबूत बनाएगा। वहीं भाजपा को 101-102 सीटें मिलने की संभावना बताई जा रही है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) चिराग पासवान को 24 सीटें। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (जीतन राम मांझी) को 9 सीटें। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (उपेंद्र कुशवाहा) को 6 सीटें मिलने की संभावना है। यानी कि इस बार LJP और HAM दोनों की हिस्सेदारी बढ़ती दिख रही है।

चिराग पासवान की चुनौती

NDA में सबसे ज्यादा चर्चा चिराग पासवान को लेकर है। चिराग ने साफ कहा है कि 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें 5 सीटें मिली थीं और पांचों पर पार्टी ने जीत कार परचम लहराया था। हमारा स्ट्राइक रेट सौ फीसदी है, इसलिए हमें इस बार विधानसभा में भी ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए, लेकिन समस्या यह है कि मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को भी सम्मानजनक सीटें देनी होंगी। ऐसे में LJP को मनाना बीजेपी और जेडीयू के लिए आसान नहीं होगा।

एनडीए का कुनबा मजबूत या अंदरखाने नाराजगी !

इस बार NDA के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि सबको संतुलित सीटें मिले। कोई पार्टी नाराज होकर बाहर न जाए और 2025 के चुनाव में बड़ा मुकाबला महागठबंधन से हो सके। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि NDA का यह फार्मूला लगभग तय है, लेकिन कुछ सीटें इधर-उधर हो सकती हैं। असली तस्वीर आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही सामने आएगी। इस बार का चुनावी गणित साफ बताता है कि बिहार में सीट बंटवारे का खेल उतना ही पेंचीदा है जितना जीत का रास्ता। मांझी और कुशवाहा को साधने के साथ-साथ चिराग पासवान को संतुष्ट करना NDA के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होगी।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

https://x.com/DjSanjayrai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.