पटना: पटना। राष्ट्रीय जनता दल अपने इतिहास के सबसे खराब प्रदर्शन को दोहराने जा रही है। वर्ष 2010 में आरजेडी 22 सीटों पर ही सिमट गई थी। अब विधानसभा चुनाव में आरजेडी को करारी हार मिली है। पार्टी मुश्किल से 25 सीटें ही जीत पाई है। चुनाव के नतीजे आने के बाद अब लालू परिवार में खटपट शुरू हो गई है। राजेडी सुप्रीमो की छोटी बेटी और तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य ने राजनीति और परिवार से तोड़ा नाता तोड़ने की बात कही है। रोहिणी ने एक्स पर पर लिखा है कि मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं। उनका यह कदम न सिर्फ लालू परिवार बल्कि बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।
तेज प्रताप यादव पहले ही बागी हो चुके है
लालू यादव के परिवार और राष्ट्रीय जनता दल में टूट कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ समय से जिस तरह से राजनीतिक घटनाएं बदली हैं, उससे यह तो साफ है कि राजद के भीतर काफी कुछ ठीक नहीं है। इन घटनाओं ने पार्टी की अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया है।
I’m quitting politics and I’m disowning my family …
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) November 15, 2025
This is what Sanjay Yadav and Rameez had asked me to do …nd I’m taking all the blame’s
लालू ने तेज प्रताप को किया था बेदखल
तेज प्रताप यादव पहले ही पार्टी और परिवार से बाहर जा चुके हैं। लालू यादव ने खुद उनको बेदखल किया। जिसके बाद बिहार चुनाव से पहले उन्होंने अपनी अलग पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई। उन्होंने राजद के खिलाफ चुनाव भी लड़ा। हालांकि, वह अपनी सीट पर ही हार गए। दूसरी ओर, अब रोहिणी आचार्य के फैसले ने लालू परिवार की एकजुटता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।



