पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल में मंथन का दैर शुरू हो गया है। तेजस्वी यादव ने पार्टी के निर्वाचित विधायकों और हारे हुए उम्मीदवारों की सोमवार को पटना स्थित 1 पोलो रोड पर अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में चुनाव परिणामों तथा संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा होगी। इस बार के विधानसभा चुनाव में राजद की सीटें 75 से घटकर 24 रह गईं हैं। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने शुक्रवार को बिहार में महागठबंधन को बुरी तरह से पराजित करते हुए सत्ता बरकरार रखी है। इस जीत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया, जबकि कांग्रेस और उसकी सहयोगी राजद को करारा झटका लगा।
भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है
एनडीए की प्रचंड जीत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके दोनों प्रमुख घटक भाजपा और जनता दल यूनाइटेड ने अपनी-अपनी 101 सीटों पर लगभग 85 प्रतिशत का सफलता दर हासिल किया। गठबंधन ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 200 का आंकड़ा पार करते हुए तीन-चौथाई बहुमत का जादुई अंक आसानी से हासिल किया, जिसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
महागठबंधन को सिर्फ 35 सीटें मिली
इस बार विस चुनाव में महागठबंधन केवल 35 सीटें जीत पाया है , जो 2020 के चुनाव की तुलना में 75 कम हैं। इस बार राजद को (25), कांग्रेस को (6), भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्स वादी लेनिनवादी (भाकपा माले) को (2) और इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी (आईआईपी) को (1) सीट मिली है। वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में महागठबंधन ने 110 सीटें जीती थीं, जिनमें राजद ने 75, कांग्रेस ने 19, भाकपा (माले) ने 12, जबकि भाकपा और माकपा ने दो-दो सीटें जीती थीं।
एआईएमआईएम ने सीमांचल पैठ बनाई
ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने पांच सीटों पर कब्जा कर सीमांचल के मुसलमानों में अपनी पैठ को दर्शाया है। बहुजन समाज पार्टी एक उम्मीदवार ने भी जीत दर्ज की है। रामगढ़ विधानसभा सीट से बसपा के उम्मीदवार सतीश कुमार सिंह यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार अशोक कुमार सिंह को बेहद करीबी मुकाबले में 30 मतों के अंतर से पराजित किया।
तेजस्वी जीते, तेज प्रताप हारे
लालू यादव के बड़े बेटे तेजस्वी यादव को किसी तरह राघोपुर में जीत हासिल हो गई, लेकिन लालू के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव महुआ से हार गए। महागठबंधन में उप मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी का इस चुनाव में सूपड़ा साफ हो गया। उसके सभी 13 उम्मीदवारों हार गये। भाकपा को भी इस बार कोई सीट नहीं मिली।



