पटना: दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर अपनों से मिलने की चाहत अब और आसान होगी। बिहार सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने का फैसला लिया है। इस नई पहल के तहत, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) और निजी बस ऑपरेटरों की साझेदारी से यात्रियों को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा मिल पाएगी, जिससे त्योहारों पर घर लौटना अब सपना नहीं रहेगा।
क्या है यह योजना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह योजना खास तौर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए शुरू की जा रही है।
- सेवा की अवधि: यह बस सेवा अगले पांच वर्षों तक चलाई जाएगी, जिसके लिए BSRTC और निजी ऑपरेटरों के बीच एक समझौता होगा।
- कितनी बसें चलेंगी: शुरुआती चरण में 150 अतिरिक्त एयर-कंडीशंड (AC) बसें चलाई जाएंगी।
- यात्रियों को लाभ: इन बसों के जरिए हर दिन करीब 3,000 यात्री बिहार आ-जा सकेंगे, जिससे त्योहारों के दौरान होने वाली भीड़ और परिवहन की दिक्कतों से राहत मिलेगी।
- सरकार की प्रोत्साहन राशि: इस योजना को सफल बनाने के लिए, सरकार निजी बस ऑपरेटरों को प्रोत्साहन राशि भी देगी।
- पीक सीजन (त्योहारों के दौरान): प्रति सीट ₹150 की प्रोत्साहन राशि
- ऑफ-सीजन:प्रति सीट ₹300 की प्रोत्साहन राशि
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इसके लिए, सरकार कुल ₹36.35 करोड़ से अधिक का बजट खर्च करेगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹7.27 करोड़ से अधिक की राशि बिहार आकस्मिक निधि से खर्च की जाएगी।
यह पहल राज्य सरकार की ओर से यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सफर देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल परिवहन व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि त्योहारों के समय लोगों को अपने घर पहुंचने में भी काफी आसानी होगी।



