मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले के बोचहा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित चुनावी जनसभा में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को महागठबंधन पर जमकर निशाना साधा। इस मौके पर बिहार सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता जनक राम भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने मंच से एनडीए प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक बेबी कुमारी के पक्ष में मतदान की अपील की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के छठ और पीएम मोदी पर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा राहुल ने अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत जिस तरीके से की है, वह न केवल राजनीतिक अपरिपक्वता का प्रतीक है, बल्कि करोड़ों छठ श्रद्धालुओं की आस्था का भी घोर अपमान है।
दिल्ली सरकार ने यमुना घाटों पर आस्था-स्वच्छता का संगम प्रस्तुत किया
रेखा गुप्ता ने कहा, छठ महापर्व पर उनकी टिप्पणी और मां यमुना को लेकर किया गया उपहास यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उनकी सोच भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और लोक आस्था से कितनी दूर है। यह वही नकारात्मक प्रवृत्ति है जिसने अतीत में भी छठ जैसे पवित्र पर्वों को नीचा दिखाने का प्रयास किया था, और आज फिर उसी अपमानजनक मानसिकता को दोहराया जा रहा है। महापर्व छठ के दौरान दिल्ली में बिहार के श्रद्धालुओं ने जिस उत्साह, आस्था और समर्पण के साथ छठी मैया की पूजा की, वह राहुल गांधी को रास नहीं आ रहा। वहीं, प्रधानमंत्री @narendramodi के मार्गदर्शन में, जिस प्रकार दिल्ली सरकार ने यमुना घाटों पर आस्था और स्वच्छता का जो अद्भुत संगम प्रस्तुत किया है। वह श्रद्धा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कांग्रेस के पास बिहार के लिए कोई विजन नहीं है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बोले गए अपशब्द, राहुल गांधी के राजनैतिक दिवालियापन को दर्शाता है। ये सिद्ध करता है की कांग्रेस के पास बिहार के लिए कोई एजेंडा नहीं है, इसलिए सस्ती लोकप्रियता हेतु निजी आरोप लगाने के लिए विवश हैं। पहले जहाँ श्रद्धालु झाग और गंदगी में पूजा करने को विवश थे, वहीं आज वही घाट स्वच्छता, सुविधा और सौंदर्य से परिपूर्ण रहे। यही संवेदनशीलता भाजपा की संस्कृति है, जहाँ आस्था का सम्मान राजनीति से हमेशा ऊपर रखा जाता है। यह बयान बिहार और दिल्ली के छठ श्रद्धालुओं की लोक आस्था का अपमान है। उनका यह बयान घोर निंदनीय है।
जमाना लालटेन का नहीं, हेलीकाप्टर का है
रेखा गुप्ता महागठबंधन पर भी जमकर बरसी। उन्होंने तेजस्वी यादव और उनके परिवार पर चल रहे ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले का जिक्र करते हुए कहा कि यह लोग नौकरी देने वाले नहीं, नौकरी लेने वाले हैं। इन्होंने गरीबों की जमीन लेकर नौकरियों का सौदा किया। ऐसे लोगों को जनता ने 20 साल पहले बाहर किया था और अब फिर बाहर करेगी। साथ ही चुटकी लेते हुए बोली अब जमाना लालटेन का नहीं, हेलीकॉप्टर का है। जनता विकास चाहती है, अंधकार नहीं।



