महनार सीट का अनोखा ट्रेंड, वोटर हर बार चुनते हैं नया विधायक

बिहार की महनार विधानसभा सीट पर अब तक कई दलों ने जीत दर्ज की है, लेकिन कोई भी दल जीत दोहरा नहीं पाया। 2025 में फिर जेडीयू और राजद के बीच दिलचस्प मुकाबला होने जा रहा है। जानिए इस सीट का पूरा चुनावी इतिहास और जातीय समीकरण।

Share This Article:

वैशाली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वैशाली जिले और हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला महनार विधानसभा क्षेत्र इस समय राजद (RJD) के कब्जे में है। यहां की वर्तमान विधायक वीणा सिंह हैं, जो वैशाली के पूर्व सांसद रामा किशोर सिंह की पत्नी हैं। उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा को परास्त किया था।

जनता ने तीन चुनावों में अलग-अलग पार्टियों को मौका दिया

यहां के मतदाता काफी जागरूक माने जाते हैं। जनता ने पिछले तीन चुनावों में तीन अलग-अलग पार्टियों को मौका देकर अपनी राजनीतिक समझ का परिचय दिया है। बिहार की सियासत का रोमांच अगर देखना हो तो महनार विधानसभा सीट इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है। वैशाली जिले की यह सीट हर बार नए राजनीतिक समीकरण बनाती है और पुराने गठजोड़ों को तोड़ देती है। यहां का मतदाता न सिर्फ जागरूक है, बल्कि बार-बार यह साबित करता है कि वह किसे मौका देना चाहता है और किसे घर भेजना है।

महनार विधानसभा का इतिहास

2020 के चुनाव में वीणा सिंह को कुल 61,721 (37.34%) वोट मिले थे, जबकि उमेश कुशवाहा को 53,774 (32.54%) वोट प्राप्त हुए। यह सामान्य सीट 1951 में गठित की गई थी। 1952 के पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के दीप नारायण सिंह यहां से विधायक चुने गए थे।

दिग्गज समाजवादी नेता और मनरेगा के जनक पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का जन्म भी इसी महनार की धरती पर हुआ था। मुनेश्वर प्रसाद सिंह यहां से छह बार विधायक रहे, जबकि पूर्व सांसद और बाहुबली रामा किशोर सिंह तीन बार सांसद चुने गए। महनार सीट पर लंबे समय तक एनडीए के दलों का प्रभाव रहा है।

यादव, पासवान और राजपूत समुदाय के मतदाता सबसे अधिक

इस सीट पर यादव, पासवान और राजपूत समुदाय के मतदाता सबसे अधिक हैं, हालांकि किसी भी जाति की आबादी 15 प्रतिशत से अधिक नहीं है। 2008 के परिसीमन के बाद 2010 में हुए पहले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जीत दर्ज की थी। भाजपा के प्रत्याशी डॉ. अच्युतानंद ने उस समय लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के प्रत्याशी रामा किशोर सिंह को 2,489 वोटों से हराया था। लेकिन यह बदलाव कोई पहली बार नहीं हुआ था। 2015 में इसी सीट से जेडीयू के उमेश सिंह कुशवाहा ने शानदार जीत दर्ज की थी और भाजपा प्रत्याशी डॉ. अच्युतानंद को बड़े अंतर से हराया था। उमेश सिंह ने उस समय 69,825 वोट हासिल कर यह सीट जेडीयू की झोली में डाली थी। तब से लेकर अब तक हर चुनाव में इस सीट ने अलग-अलग दलों को मौका दिया है।

मेश सिंह कुशवाहा और रामा किशोर सिंह कर रहे दावेदारी

अब 2025 के चुनाव में फिर से जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा और पूर्व सांसद रामा किशोर सिंह दोनों ही इस सीट पर अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। हालांकि अभी तक एनडीए में सीट बंटवारे की घोषणा नहीं हुई है, वहीं महागठबंधन की ओर से भी कई संभावित उम्मीदवार इस सीट से कोशिश कर रहे हैं। 2020 में महनार विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,86,008 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 1,60,793 मतदाताओं ने मतदान किया था।

SIR प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग द्वारा जारी नई मतदाता सूची के अनुसार, महनार विधानसभा क्षेत्र में कुल पुरुष मतदाता 1,58,524, महिला मतदाता 1,41,302 और थर्ड जेंडर मतदाता 10 हैं। कुल मिलाकर मतदाताओं की संख्या 2,99,836 है।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.