नई दिल्ली: बिहार की सियासी जमीन अब पूरी तरह गरम हो चुकी है। दो चरणों के मतदान (6 और 11 नवंबर) से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विपक्ष के चेहरे तेजस्वी यादव और विधायकों की फौज चुनावी रण में उतरने को तैयार हैं। यह न सिर्फ NDA और महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर है, बल्कि प्रशांत किशोर की जन सुराज जैसी नई नवेली पार्टी ने इसे त्रिकोणीय बना दिया है। है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विधानसभा चुनाव के लिए बिहार में सबसे बड़े स्टार प्रचारक होंगे। वह यहां कई सभाएं, रोड शो और रैलियां करेंगे। राजनीतक विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘हुंकार भरने’ का दौर बिहार के भविष्य को तय करेगा, जहां विकास, जाति जनगणना, रोजगार और पलायन के चुनावी वादे हवा में तैर रहे हैं।
एनडीए के पक्ष में पीएम मोदी की लोकप्रियता
NDA के पक्ष में सबसे बड़ा हथियार है पीएम मोदी की लोकप्रियता। हाल ही में मोतिहारी और सीवान में आयोजित मेगा रैलियों में उन्होंने हजारों करोड़ों के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की घोषणा की, जो सड़कों से लेकर रेल लाइनों तक फैले हैं। “बिहार अब विकास की पटरी पर है, लेकिन महागठबंधन फिर जंगलराज लाना चाहता है,” मोदी ने एक रैली में हुंकार भरी। उनके इस ‘मोदी फैक्टर’ को 57 प्रतिशत वोटर बड़ा प्रभाव मानते हैं, जैसा कि हालिया IANS-मैट्रिज ओपिनियन पोल में सामने आया। इसी कड़ी में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पटना में BJP की रणनीति बैठक की, जहां उन्होंने विधायकों को निर्देश दिया कि हर बूथ पर ‘मोदी की गारंटी’ का प्रचार हो। JD(U) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अपनी ‘प्रगति यात्रा’ के जरिए 50,000 करोड़ के योजनाओं का ऐलान कर चुके हैं। वे हरनौत सीट से खुद मैदान में हैं, और उनकी हुंकार है] “मेरा दसवां कार्यकाल बिहार को नई ऊंचाई देगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा जैसे नेता विधानसभा क्षेत्रों में छोटी-बड़ी सभाओं से जमीनी स्तर पर वोट साध रहे हैं।
महागठबंधन की कमान तेजस्वी यादव के हाथ
दूसरी ओर, महागठबंधन की कमान तेजस्वी यादव संभालेंगे। उन्होंने युवा और पिछड़े वर्गों पर डोरे डाल रहे हैं। रघोपुर से उम्मीदवार वे खुद हैं, और हाल के दिनों में उन्होंने ओबीसी सम्मेलनों और युवा मंचों पर जोरदार भाषण दिए। “10 लाख नौकरियां देंगे, जाति जनगणना कराएंगे। नीतीश सरकार का भ्रष्टाचार खत्म करेंगे,” तेजस्वी की हुंकार ने लाखों युवाओं को आकर्षित किया है। RJD के विधायक जैसे शक्ति यादव और अन्य महागठबंधन के सहयोगी CPI(ML) के नेता सीताराम यादव क्षेत्रीय सभाओं में सक्रिय हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में CWC बैठक में बिहार पर फोकस किया, जबकि राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के असर को तेजस्वी भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।

जनसुराज की इंट्री से मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया
बीच, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने गांधी मैदान की रैली से अपनी ‘पूर्ण राज्य भ्रमण’ की शुरुआत की, जहां 51 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की गई। PK की हुंकार है, “पुरानी पार्टियां भ्रष्ट, हम नया विकल्प हैं। उनकी इंट्री ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
राजनीतिज्ञों का कहना है कि विधायकों की भूमिका निर्णायक होगी, क्योंकि वे स्थानीय मुद्दों बाढ़, बेरोजगारी, प्रवासन पर सीधा असर डालेंगे। पीएम से लेकर विधायक तक की यह सामूहिक हुंकार न सिर्फ वोटों की जंग है, बल्कि बिहार के सपनों की भी। क्या नीतीश दसवीं बार सत्ता बरकरार रखेंगे, या तेजस्वी नई सुबह लाएंगे? सस्पेंस बरकरार है।
योगी आदित्यनाथ की रैली की मांग
बिहार विधानसभा चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ का असर और लोकप्रियता साफ दिख रही है। राज्य के बड़े नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की तरफ से सीएम योगी की रैलियों और रोड शो की भारी डिमांड दर्ज की जा रही है। बिहार के बड़े-बड़े नेता भी अपने विधानसभा क्षेत्र में सीएम योगी की रैली कराना चाहते हैं।
सूत्रों के अनुसार, बिहार के बड़े नेता और विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में उनकी सभा और रैली कराना चाहते हैं। उनका कहना है कि योगी की मौजूदगी मतदाताओं पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी और पार्टी की पकड़ को मजबूत करेगी।
पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए 15, 16 और 17 अक्टूबर को बिहार में एक ताकतवर टीम उतारने का फैसला किया है, जिनमें कई स्टार प्रचारक है। जिसका मकसद राज्य के हर कोने तक पार्टी के संदेश को पहुंचाना है।

अमित शाह-जेपी नड्डा भी संभालेंगे मोर्चा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और अमित शाह बिहार में 15 अक्टूबर से प्रचार की शुरुआत करेंगे। दोनों मंत्री बीजेपी के विकास मॉडयूल को लेकर कैंपेनिंग करते दिखाई देंगे. दोनों नेता चुनावी माहौल को गरमाने के लिए जोर-शोर से प्रचार कर सकते हैं। वहीं, बीजेपी के अन्य प्रमुख नेता जैसे कि शिवराज सिंह चौहान 17 अक्टूबर को, गजेन्द्र सिंह शेखावत और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 18 अक्टूबर को बिहार में रैलियां करेंगे।
भोजपुरी सितारों का भी बोल बाला
नेताओं-मंत्रियों के अलावा, भोजपुरी सितारे भी चुनाव प्रचार में योगदान देंगे। सासंद और भोजपुरी सिंगर मनोज तिवारी, सांसद एवं अभिनेता रवि किशन और बॉलीवुड स्टार हेमा मालिनी भी बिहार में 17-18 अक्टूबर को रोड शो और जनसभाएं करेंगे।



