पटना। विश्व एड्स दिवस के मौके पर सोमवार को बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति की ओर से एचआईवी/एड्स जागरूकता रैली रेड रिबन वॉक का आयोजन हुआ। यह रैली इको पार्क से शुरू होकर वीर कुंवर सिंह आजादी पार्क में संपन्न हुई। इस अवसर पर एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। बिहार के मुख्य सचिव बतौर मुख्य अतिथि प्रत्यय अमृत ने कहा कि एचआईवी, एड्स से प्रभावित लोगों तक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक और स्थानीय चुनौतियों के बावजूद राज्य में एचआईवी संक्रमण के मामलों पर नियंत्रण बनाए रखने और उपचार को सभी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कोई भी व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे और हर एचआईवी संक्रमित व्यक्ति सम्मान व भेदभाव रहित गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का हकदार है।
जागरूकता के प्रयासों को निरंतर जारी रखना आवश्यक
इस वर्ष विश्व एड्स दिवस की विषयवस्तु एड्स के अवसाद एवं उपेक्षा से उबरना (ओवरकमिंग डिसरप्शन-ट्रांसफॉर्मिंग द एड्स रिस्पांस) था। इसका उद्देश्य यह संदेश देना था कि महामारी, संसाधनों की कमी और सामाजिक कलंक जैसी बाधाओं के बावजूद एचआईवी/एड्स रोकथाम, उपचार और जागरूकता के प्रयासों को निरंतर जारी रखना आवश्यक है।
राज्य एड्स नियंत्रण समिति की परियोजना निदेशक प्रतिभा रानी ने बताया कि पिछले 26 वर्षों से एचआईवी रोकथाम, जांच और उपचार के क्षेत्र में अग्रणी रही है एवं एचआईवी की रोकथाम में उल्लखेनीय प्रगति की है। वर्तमान में राज्य में 186 आईसीटीसी केंद्र और 32 एआरटी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से करीब 97 हजार एचआईवी संक्रमित लोग निःशुल्क और नियमित एआरवी दवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।
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बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी के संयुक्त निदेशक मनोज कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार की ओर से एचआईवी प्रभावित परिवारों के कल्याण के लिए बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना और परवरिश योजना चलाई जा रही हैं। इन दोनों योजनाओं ने प्रभावित परिवारों में सुरक्षा, भरोसा और जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित की है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, विभिन्न विभागों, सामुदायिक और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, युवा, मीडिया और आम जनता ने भाग लिया।



