पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना के लिए 1024.77 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और कार्यारंभ किया। ये सभी परियोजनाएं ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान पटना जिले में की गई घोषणाओं से संबंधित हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य पटना शहर (मध्य क्षेत्र) के लोगों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करना है।
इनमें बिजली के तारों को भूमिगत करना, नई सड़क और हॉस्टल का निर्माण, और गंगा नदी के किनारे जेपी गंगा पथ का सौंदर्यीकरण शामिल है।
प्रमुख परियोजनाएं और उनकी लागत
सड़क और नाला निर्माण: 196.80 करोड़ रुपये की लागत से पटेल गोलंबर से इको पार्क के पश्चिमी छोर तक और इको पार्क से अटल पथ तक सर्पेंटाइन नाले पर भूमिगत नाला और एक चार-लेन की सड़क बनाई जाएगी।
बिजली के तारों को भूमिगत करना: 328.52 करोड़ रुपये की लागत से पटना के शहरी क्षेत्रों में बिजली के तारों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत करने की योजना है। इससे शहर में बिजली की संरचनाएं आधुनिक और मजबूत बनेंगी।
हॉस्टल का जीर्णोद्धार: 30.02 करोड़ रुपये की लागत से पटना के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के हॉस्टलों का जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
पटना हाट का निर्माण: 48.96 करोड़ रुपये की लागत से गांधी मैदान के पास पटना हाट का निर्माण किया जाएगा।
सड़क संपर्क मार्ग: 52.28 करोड़ रुपये की लागत से मंदिरी नाले पर निर्माणाधीन चार-लेन की सड़क को जेपी गंगा पथ से जोड़ने के लिए एक संपर्क मार्ग बनाया जाएगा।
जेपी गंगा पथ का सौंदर्यीकरण: 387.40 करोड़ रुपये की लागत से दीघा से गांधी मैदान के बीच जेपी गंगा पथ के दोनों ओर लगभग 7 किलोमीटर की लंबाई में ‘जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना (फेज-1)’ का निर्माण किया जाएगा।
सभ्यता द्वार से विचरण पथ: 12.38 करोड़ रुपये की लागत से सभ्यता द्वार से कलेक्ट्रिएट घाट तक एक विचरण पथ (वॉकिंग पाथवे) का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री का बयान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना साइंस कॉलेज के न्यूटन हॉस्टल में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि इन परियोजनाओं से पटना शहर के लोगों को काफी लाभ मिलेगा और जनसुविधाओं में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि ये सभी योजनाएं पटना के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं और भविष्य में भी ऐसी और परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।



