पटना: बिहार में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सोशल मीडिया पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है। इसका मकसद भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्टों के जरिए होने वाले दुष्प्रचार को रोकना है। EOU की एक विशेष यूनिट, ‘सोशल मीडिया पेट्रोलिंग यूनिट’, लगातार फेसबुक और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्मों पर नजर रख रही है।
इस साल के शुरुआती सात महीनों में, EOU ने सैकड़ों आपत्तिजनक पोस्टों को चिह्नित किया है, जिसके बाद 15 मामलों में FIR दर्ज की गई है। इसके अलावा, कई पोस्टों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मदद से हटवा दिया गया है।
यह कार्रवाई चुनाव से पहले गलत सूचना और नफरत फैलाने वाली सामग्री पर लगाम लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। नीचे इस मामले से जुड़ी और जानकारी दी गई है।
क्या है मामला
चुनाव के दौरान राजनीतिक दल और उनके समर्थक सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। इसका दुरुपयोग न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए EOU ने 2025 की शुरुआत से ही सोशल मीडिया पर निगरानी तेज कर दी है। EOU के आंकड़ों के अनुसार, इस साल के पहले सात महीनों (जनवरी से जुलाई तक) में 432 आपत्तिजनक पोस्ट की पहचान की गई है।
- 15 मामलों में FIR: इन चिह्नित पोस्टों में से 15 मामलों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है।
- 115 पोस्ट हटाए गए: 115 विवादित, भ्रामक, और आपत्तिजनक पोस्टों को संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की मदद से हटा दिया गया है।
- 288 मामलों की जांच जारी: बाकी के 288 मामलों की जांच संबंधित जिला साइबर इकाइयां कर रही हैं।
किस तरह के पोस्ट पर हो रही है कार्रवाई?
EOU के मुताबिक, निगरानी के दौरान मुख्य रूप से धार्मिक, सांप्रदायिक, और निजी टिप्पणियों से जुड़े मामले सामने आए हैं। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके चरित्र हनन करने की शिकायतें भी मिली हैं। जैसे ही कोई आपत्तिजनक पोस्ट मिलता है, EOU तुरंत यूजर की पहचान कर उसे हटाने की कार्रवाई शुरू कर देती है।
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जुलाई तक साइबर क्राइम पर EOU की कार्रवाई का ब्यौरा
EOU ने सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों पर भी कार्रवाई की है।
- ऑनलाइन ठगी की शिकायतें: 46,022
- साइबर ठगी की कुल राशि: ₹250 करोड़
- होल्ड की गई राशि: ₹57.52 करोड़
- रिफंड कराई गई राशि: ₹4.51 करोड़
- साइबर मामलों का निपटान: 1,335
- गिरफ्तार अभियुक्त: 145
- ब्लॉक किए गए मोबाइल नंबर: 5,131
- ब्लॉक किए गए IMEI नंबर: 3,960
EOU का यह कदम चुनावों के दौरान सोशल मीडिया पर गलत सूचना और नफरत फैलाने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



