नालंदा: बिहार विधानसभा आम चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है। वैसे-वैसे सियासी माहाैल गरम हो रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर नालंदा जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के समर्थन में रोड शो करके शक्ति प्रदर्शन किया। साथ पार्टी के उम्मीदवारों को जीताने की अपील की। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह क्षेत्र नालंदा में सेंध लगाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
अब बदलाव का समय है
प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में सवाल किया कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनना चाहिए, उनकी उम्र काफी हो चुकी है। पह शारीरिक, मानसिक रूप से थक चुके हैं। उनके अगल बगल जितना भी नेता या अफसर है वह पूरे बिहार को लूट रहे हैं। उन्होंने जो 20 वर्षों में जो काम किया है, उसके लिए उन्हें धन्यवाद। अब बदलाव का समय है। सभी लोग बदलाव चाहते हैं। इसलिए बदलाव होकर रहेगा। जिस लालू राज के जंगल राज की दुहाई देकर नीतीश कुमार 20 सालों से सत्ता पर हैं। आज करीब 5 सालों से यही हाल है, लेकिन इससे ज्यादा नीतीश कुमार के अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं। “अगर लालू के राज को अपराधियों का जंगल राज कहा गया तो नीतीश कुमार के शासन को अधिकारियों का जंगल राज कहना ग़लत नहीं होगा। भाजपा द्वारा जारी संकल्प पत्र पर कहा कि उन्हें उसकी जगह 20 साल के विकास के बारे में बताना चाहिए। वर्ष 2005 में जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने तब भी बिहार देश का सबसे गरीब और पिछड़ा राज्य था, आज भी वही है। आज भी लोगों को रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में पलायन करना पड़ रहा है, तो बदलाव जरुरी।
सस्ता डेटा नहीं, गुजरात गया बेटा वापस चाहिण
प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि हमें सस्ता डेटा नहीं। गुजरात कमाने गए बेटा सुरक्षित वापस चाहिए। बिहार में रोजगार चाहिए उससे डेटा का जुगाड़ हो जाएगा। जन सुराज का उम्मीदवार अच्छा नहीं है, तो उसे वोट नहीं दें, जन सुराज से ज्यादा जरूरी है बिहार को जितना चाहिए। अगर जाति धर्म के नाम पर वोट कीजिएगा तो जैसा बोएंगे वैसा ही पाएंगे। हालांकि मोकामा की घटना पर पूछे गए सवाल का जवाब देने से बचते नजर आए।



