नई दिल्ली: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) को निर्देश दिया है कि वह गुरुग्राम, हरियाणा के ग्राम सुखराली, सेक्टर 28 स्थित समूह आवास परियोजना से संबंधित पर्यावरण स्वीकृति की समीक्षा करे। यह निर्देश अमलताश आवासीय कल्याण संघ द्वारा दायर अपील में निष्पादन आवेदन की सुनवाई के दौरान आया।
SEIAA का कार्यकाल समाप्ति बनी देरी की वजह
पीठ, जिसमें माननीय न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव (अध्यक्ष) एवं माननीय डॉ. ए. सेंटिल वेल (विशेषज्ञ सदस्य) शामिल थे, ने पाया कि 2021 में पारित आदेश का पालन अब तक नहीं हुआ है। उस आदेश में यह निर्देश दिया गया था कि MoEF&CC, CPCB और राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) हरियाणा के अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन करे और अपनी रिपोर्ट SEIAA, हरियाणा को दे।
हालांकि समिति ने अपनी रिपोर्टें 11 फरवरी 2025 और 18 फरवरी 2025 को जमा कीं, लेकिन SEIAA हरियाणा का कार्यकाल 20 फरवरी 2025 को समाप्त हो गया, जिसके कारण वह आगे की कार्रवाई नहीं कर सका।
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पीठ ने कहा अब मंत्रालय को ही निभाना होगा यह दायित्व
पीठ ने कहा “यदि हरियाणा में SEIAA वर्तमान में गठित नहीं है, तो MoEF&CC स्वयं पर्यावरण स्वीकृति की पुनः समीक्षा करे और यह निर्णय ले कि स्वीकृति जारी रखी जाए, रद्द की जाए या नई शर्तें जोड़ी जाएं।”
अधिकरण ने MoEF&CC को आठ सप्ताह की अवधि दी है ताकि वह इस कार्य को पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे। अगली सुनवाई 30 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई है।



