पटना: बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के शहरी विकास को गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने पटना सहित सभी प्रमंडलीय शहरों में सैटेलाइट टाउनशिप बनाने का फैसला किया है। इस योजना का उद्देश्य शहरीकरण को व्यवस्थित करना और किसानों को उचित लाभ पहुंचाना है।
निगरानी के लिए बनेगी सलाहकार समिति
इस महत्वाकांक्षी योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए एक सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति की अध्यक्षता संबंधित जिले के जिलाधिकारी (डीएम) करेंगे। समिति का मुख्य काम सैटेलाइट टाउनशिप की रूपरेखा तैयार करना, शहरी नियोजन योजनाओं को लागू करना, और जन सुविधाओं की निगरानी करना होगा। यह समिति टाउनशिप की सीमाओं पर भी अपनी राय देगी।
भूमि अधिग्रहण और भू-स्वामियों को प्राथमिकता
इस योजना के तहत, भूमि अधिग्रहण से पहले भू-स्वामियों के दस्तावेजों का गहन सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साथ-साथ उत्पाद एवं निबंधन विभाग से भी सलाह ली जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना में छोटे भू-स्वामियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्हें टाउनशिप में निर्माण और उपयोगिता के लिए उपयुक्त भूखंड आवंटित किए जाएंगे, और उनके भूखंडों की संख्या कम करने का भी निर्णय लिया गया है।
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विकासकर्ताओं का चयन और समिति के सदस्य
सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए विकासकर्ताओं का चयन नगर विकास विभाग द्वारा नामित विकास प्राधिकार करेगा। सलाहकार समिति में कई विभागों के अधिकारी शामिल होंगे, जिनमें नगरीय निकायों के मुख्य नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर नियोजक, भू-अर्जन पदाधिकारी, और विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी शहरी नियोजन के किसी जानकार व्यक्ति को विशेषज्ञ के रूप में भी नियुक्त कर सकेंगे। यह योजना न केवल शहरी विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि किसानों और छोटे भू-स्वामियों को भी उनकी जमीन के बदले बेहतर लाभ सुनिश्चित करेगी।



