पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए (NDA) में सीट बंटवारे का फार्मूला लगभग तय हो चुका है। सूत्रों का कहना है कि आज एनडीए के सभी सहयोगी दल संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीट बंटवारे की आधिकारिक घोषणा कर सकते हैं।
शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर पूरे दिन बैठकों का दौर चलता रहा। इस दौरान सीट शेयरिंग को लेकर एनडीए सहयोगी जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा से नड्डा की अलग-अलग चर्चा भी हुई। इसके बाद बिहार भाजपा कोर कमेटी की अहम बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें पहले चरण की सीटों के उम्मीदवारों पर गहन चर्चा हुई।
सूत्रों की मानें तो बिहार की करीब 90 से 100 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर सहमति बन चुकी है। अब केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इन नामों को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। पार्टी सूत्रों ने यह भी बताया कि 13 अक्टूबर को भाजपा अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर सकती है।
एनडीए में सीटों का फॉर्मूला तय होने के संकेत
भाजपा की कोर कमेटी ने गठबंधन के सभी घटक दलों से सीटों के बंटवारे पर सहमति का खाका तैयार कर लिया है। माना जा रहा है कि इस बार भाजपा सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि जेडीयू, हम (HAM) और आरएलजेपी (RLJP) को भी संतुलित हिस्सेदारी दी जाएगी। गठबंधन के भीतर कुछ सीटों पर आखिरी दौर की बातचीत चल रही है, लेकिन नेताओं का दावा है कि सभी मतभेद रविवार तक सुलझा लिए जाएंगे।
तीसरे मोर्चे की तैयारी में ओवैसी!
वहीं दूसरी ओर, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी बिहार में तीसरे मोर्चे की रणनीति तेज कर दी है। पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने घोषणा की है कि AIMIM इस बार करीब 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। 2020 के विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने 20 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और सीमांचल क्षेत्र की पांच सीटों पर जीत हासिल की थी। ओवैसी का यह कदम विपक्षी गठबंधन और एनडीए दोनों के समीकरणों पर असर डाल सकता है, खासकर सीमांचल और कटिहार जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में।
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एनडीए में सीट बंटवारे की लगभग तस्वीर साफ होने के बाद अब सभी की निगाहें महागठबंधन पर टिकी हैं, जहां सीट शेयरिंग पर अभी भी असहमति की स्थिति बनी हुई है। उधर, ओवैसी के तीसरे मोर्चे के ऐलान से सियासी मुकाबला त्रिकोणीय होने की पूरी संभावना बन रही है।



