भागलपुर: बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर में जल्द ही नेशनल कैडर कोर (NCC) का अत्याधुनिक फायरिंग रेंज और बाधा कोर्स तैयार किया जाएगा। यह पहल एनसीसी कैडरों के प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है। हाल ही में, 23 बिहार बटालियन एनसीसी भागलपुर के कमांडर ऑफिसर कर्नल रितेश मोहन और सूबेदार मेजर सुरेश कुमार ने इस प्रोजेक्ट पर चर्चा करने के लिए बीएयू के कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह से मुलाकात की।
कैडरों के प्रशिक्षण में मिलेगी सुविधा
एनसीसी अधिकारियों ने बताया कि इस नई सुविधा के तैयार होने से भागलपुर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के कैडरों को अभ्यास करने में काफी आसानी होगी। वर्तमान में ऐसी सुविधाओं की कमी के कारण कैडरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। फायरिंग रेंज के बनने से कैडरों को निशानेबाजी का अभ्यास करने का मौका मिलेगा, जबकि बाधा कोर्स उन्हें शारीरिक फिटनेस, चपलता और विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षित करने में मदद करेगा। इससे कैडरों की ट्रेनिंग और भी प्रभावी हो जाएगी।
विश्वविद्यालय ने शुरू की तैयारी
एनसीसी अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए बीएयू की डीएसडब्ल्यू डॉ. श्वेता शांभवी से भी मुलाकात कर संभावित जगह का निरीक्षण किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने फायरिंग रेंज और बाधा कोर्स के लिए जगह चिह्नित कर ली है। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रस्ताव को जल्द ही सरकार को भेजा जाएगा। एनसीसी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जगह तैयार होने के बाद, वे सभी तकनीकी और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराएंगे। इस बैठक के दौरान, एनसीसी अधिकारियों ने बीएयू के कैडरों से भी मुलाकात की और उन्हें एनसीसी से मिलने वाले लाभों और भविष्य में करियर विकास के अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
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- बिहार कृषि विश्वविद्यालय में एनसीसी का फायरिंग रेंज: यह मुख्य खबर है।
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- प्रशिक्षण सुविधाओं की कमी: भागलपुर जिले में और खासकर बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में एनसीसी कैडरों के लिए फायरिंग रेंज और बाधा कोर्स जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। इस कमी के कारण कैडरों को सही से अभ्यास करने में दिक्कत आती है, जिससे उनके प्रशिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
- दक्षता बढ़ाने का उद्देश्य: एनसीसी एक ऐसा संगठन है जो छात्रों को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और शारीरिक फिटनेस का प्रशिक्षण देता है। फायरिंग और बाधा कोर्स, इस प्रशिक्षण के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। कैडरों की निशानेबाजी, शारीरिक चुस्ती और धैर्य जैसे कौशल में सुधार होगा।
- एनसीसी बटालियन और विश्वविद्यालय का सहयोग: यह खबर दिखाती है कि 23 बिहार बटालियन एनसीसी और बीएयू प्रशासन मिलकर इस समस्या का समाधान करना चाहते हैं। एनसीसी अधिकारी जगह की तलाश कर रहे हैं, और विश्वविद्यालय प्रशासन उन्हें आवश्यक भूमि और सहयोग प्रदान कर रहा है।
- छात्रों के लिए बेहतर भविष्य: इन सुविधाओं से न केवल वर्तमान कैडरों को लाभ होगा, बल्कि यह अधिक छात्रों को एनसीसी में शामिल होने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। एनसीसी का प्रशिक्षण छात्रों को सेना और अन्य सरकारी नौकरियों में करियर बनाने के लिए भी तैयार करता है। गौरतलब है कि प्रशिक्षण सुविधाओं की कमी को दूर करने, छात्रों को बेहतर कौशल प्रदान करने, और एनसीसी तथा विश्वविद्यालय के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है।



