मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले में रविवार को ‘पेंशन महोत्सव’ का आयोजन किया गया, जिसके तहत 5 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों को बढ़ी हुई दरों के साथ पेंशन राशि वितरित की गई। कुल ₹56.07 करोड़ से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी गई।
पेंशन की राशि 500 से बढ़कर 1100 हुई
इस कार्यक्रम में 5,05,559 पेंशनधारकों को लाभ मिला। इस दौरान जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड और पंचायत स्तर तक कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। कई बुजुर्गों और महिलाओं की खुशी से आंखें छलक आईं, क्योंकि उनकी पेंशन राशि ₹500 से बढ़कर ₹1,100 हो गई है। एक बुजुर्ग महिला ने कहा, “अब हम दूसरों पर थोड़ा कम आश्रित होंगे।”
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पेंशनधारक और अधिकारी मौजूद थे। डीएम सुब्रत कुमार सेन ने मुख्यमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया, जिससे लाभार्थियों में उत्साह का माहौल दिखा।
योजना के अनुसार वितरित राशि का ब्यौरा
- मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना: 2,07,703 वृद्धों को ₹23.21 करोड़।
- बिहार निःशक्तता पेंशन योजना: 24,454 दिव्यांगों को ₹2.71 करोड़।
- लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना: 27,962 विधवाओं को ₹3.11 करोड़।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना: 3,308 दिव्यांगों को ₹35.41 लाख।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना: 36,547 विधवाओं को ₹4.03 करोड़।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना: 2,05,585 वृद्धों को ₹22.62 करोड़।
पेंशन शिविरों में जमा हुए नए आवेदन
पेंशन महोत्सव के दौरान सकरा, मुरौल और कांटी जैसे कई प्रखंडों में पेंशन शिविर भी लगाए गए। इन शिविरों में उन योग्य व्यक्तियों से आवेदन लिए गए, जो अब तक किसी भी पेंशन योजना से वंचित थे। इसके अलावा, जिन लोगों का पेंशन किसी कारणवश रुका हुआ था, उनके आवेदन भी स्वीकार किए गए ताकि समस्या का समाधान किया जा सके। “पेंशन महोत्सव” की खबर, जो मुजफ्फरपुर में पेंशनधारियों को ₹56 करोड़ से ज्यादा की राशि ट्रांसफर करने के बारे में है।
- राजनीतिक उद्देश्य: आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार अपनी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाकर जनता का भरोसा जीतना चाहती है।
- पेंशन राशि में वृद्धि: सरकार ने पेंशन की राशि को बढ़ाकर ₹500 से ₹1100 किया है। यह कदम लाभार्थियों के जीवन स्तर को सुधारने और महंगाई से राहत देने के लिए उठाया गया है।
- डीबीटी और पारदर्शिता: डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए सीधे बैंक खातों में पैसा भेजकर सरकार पारदर्शिता को बढ़ावा दे रही है और बिचौलियों की भूमिका को खत्म कर रही है।
- प्रशासनिक पहल: ‘पेंशन महोत्सव’ जैसे आयोजन करके जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि योग्य लाभार्थियों को योजना का लाभ मिले और जो लोग अभी तक वंचित हैं, उनके आवेदन भी लिए जा सकें।
- राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लागू करने और आगामी चुनावों से पहले जनता के बीच अपनी छवि को मजबूत करने से जुड़ी है।



