बेतिया। नरकटियागंज विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा मोड़ आया। भाजपा से बागी होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरीं निवर्तमान विधायक रश्मि वर्मा ने आखिरकार अपना नामांकन वापस ले लिया है। भाजपा के मुख्य सचेतक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, बेतिया सांसद डॉ. संजय जायसवाल के हस्तक्षेप के बाद रश्मि वर्मा अनुमंडल मुख्यालय पहुंचकर औपचारिक रूप से नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की।
संजय जायसवाल ने निभाई अहम भूमिका
नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि पर, भाजपा के मुख्य सचेतक और बेतिया सांसद डॉ. संजय जायसवाल अचानक नरकटियागंज पहुंचे और सीधे रश्मि वर्मा के आवास पर उनसे मुलाकात की। बंद कमरे में यह बातचीत करीब एक घंटे तक चली। बातचीत के बाद जब डॉ. जायसवाल बाहर निकले, तो कहा, “नामांकन वापसी का समय तीन बजे तक है, देखते हैं क्या होता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। संजय जायसवाल के हस्तक्षेप और एक घंटे की मुलाकात के बाद रश्मि वर्मा ने नामांकन वापस लेने का फैसला किया।
शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर लिया फैसला
नामांकन वापस लेने के बाद पूर्व विधायक रश्मि वर्मा ने बताया कि उन्होंने यह फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का फोन आने के बाद लिया है। रश्मि वर्मा ने स्पष्ट किया कि वह अब एनडीए प्रत्याशी संजय पांडेय के समर्थन में काम करेंगी और पार्टी हित में पूरी निष्ठा से कार्य करती रहेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि वह जल्द ही पटना जाकर शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगी।
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सीट पर अब एनडीए मजबूत
गौरतलब है कि नरकटियागंज विधानसभा सीट पर इस बार भाजपा ने संजय पांडेय को उम्मीदवार बनाया है, जिससे नाराज होकर रश्मि वर्मा ने निर्दलीय मैदान में उतरने का ऐलान किया था। रश्मि वर्मा के नामांकन वापस लेने के फैसले से नरकटियागंज सीट पर भाजपा समर्थकों में राहत की भावना है, वहीं एनडीए खेमे में रश्मि वर्मा के समर्थन से चुनावी समीकरण और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।



