सुल्तानगंज: सावन के पवित्र महीने में हर खास-ओ-आम बाबा वैद्यनाथ को शीश नवाने पहुंच रहा है। लंबी यात्रा होती है, बाबा के धाम की, दूर से गंगा जल लेकर लोग जलाभिषेक करने बाबा के धाम पहुंचते हैं। इसी कड़ी में दिल्ली की उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट के सांसद मनोज तिवारी का नाम भी जुड़ा है। वह कांवड़ पथ पर सुल्तागंज से बाबा के धाम के लिए बृहस्पतिवार निकल गए। करीब 105 की यात्रा वह पैदल करेंगे।
भाजपा सांसद ने सुल्तानगंज में उत्तर वाहिनी गंगा नदी में पहले आस्था की डुबकी लगाई। फिर कांवड़ में जल लेकर अजगैबीनाथ धाम में पूजा अर्चना की। इसके बाद वह पैदल वैद्यनाथ धाम के लिए निकल गए। 30 साल बाद मनोज तिवारी सुल्तानगंज उत्तर वाहिनी गंगा तट से कांवर उठाकर बैद्यनाथ धाम जा रहे हैं। सुल्तानगंज पहुंचने पर भाजपा जिला अध्यक्ष सहित सैकड़ो भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके स्वागत किया और अजगैबीनाथ धाम के महत्व और सुल्तानगंज में कांवड़ियों के सुविधा को लेकर जानकारी दिया। सुल्तानगंज से 2 बजे जल उठाकर देवघर बाबा वैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुए । वह 2 अगस्त या 3 अगस्त को जलाभिषेक करेंगे।
30 साल बाद उठाई कांवड़
मनोज तिवारी ने बताया कि वह 30 साल बाद कांवड़ लेकर बाबा धाम जा रहे हैं। वह करीब 110-20 किलोमीटर की पैदल यात्रा करेंगे। मनोज तिवारी के मुताबिक, देखिए कितना कुछ बदल गया, 30 साल पहले जब यहां आना हुआ था तो मुझे कोई नहीं जानता था और आज कितने लोग जान रहे हैं। मैं सोच रहा था पैदल यात्रा करूं या नहीं। वह इसलिए कि रास्ते में लोगों की भीड़ हो जाएगी, लेकिन फिर भी हमने सोचा की पैदल यात्रा करेंगे।
उन्होंने बताया कि अब और तब में बहुत बड़ा अंतर हो गया है। बाबा ने जल चढ़ाने का कितना बड़ा फल दिया, बता नहीं सकते, लिखना चाहूं तो लिख भी नहीं सकता। उस वक्त मैं राजनीति में कुछ भी हूं, जो कुछ भी हूं, महादेव की कृपा से ही हूं। यही कामना है कि महादेव अपनी कृपा बनाएं रखें।
सुल्तानगंज का बदले नाम
मनोज तिवारी ने कहा कि वह बाबा बैजनाथ से मांगेंगे कि सुल्तानगंज का नाम बदलकर अजगैबीनाथ धाम रखा जाए। अभी ऑपरेशन सिंदूर के बाद ऑपरेशन महादेव चल रहा है। चुन-चुन कर आतंकियों से बदला लिया जा रहा है। यह सब महादेव की कृपा है। जो लोग भगवा आतंकवाद की बात करते थे, यह भीड़ उन्हें जवाब दे रही है। उन्होंने व्यवस्था को लेकर कहा कि थोड़ी बहुत व्यवस्था और बेहतर करने की जरूरत है, लेकिन व्यवस्था पहले से बेहतर हुआ है।
इसमें जब गंगाजल लेकर निकलते हैं, तो 5-6 किलोमीटर तक रास्ता कंकडीला है, उसे ठीक करने की जरूरत है। कहा कि मैं 30 साल बाद यात्रा कर रहा हूं तो अपना एक रिपोर्ट भी बनाऊंगा और उसे रिपोर्ट का असर भी होगा। अजगैबीनाथ धाम का नाम भी बदल जाएगा। मैं जब लौटकर दिल्ली जाऊंगा तो संसद में इस बात को उठाऊंगा और जरूर सुल्तानगंज का नाम अजगैबीनाथ धाम होगा। हमारे लिए राजनीति अब समाज नीति हो गया है। देश खुश रहे समाज खुश रहे यही हम बाबा से कामना करने जा रहे हैं।
राजद नेता को नसीहत
राजद नेता भाई वीरेंद्र को लेकर मनोज तिवारी ने कहा कि इस तरह के बड़े राजनेता को अधिकारियों का अपमान नहीं करना चाहिए। शॉर्ट टाइम पर नहीं होना चाहिए था। तेज प्रताप पर कहा कि उन पर जो कार्रवाई पार्टी ने किया है, पार्टी का जो नियम कानून है उसके हिसाब से सही किया है।
मनोज तिवारी भोजपुरी के मशहूर गायक भी हैं और उन्होंने बाबा वैद्यनाथ को लेकर कई भजन गाए हैं। वह अक्सर पैदल यात्रा करते हुए बाबा वैद्यनाथ पर गानों की शूटिंग किया करते थे।
बता दें कि मनोज तिवारी दिल्ली की नॉर्थ ईस्ट सीट से तीसरी बार के लोकसभा सांसद हैं। हालांकि, तिवारी ने ऐसे समय पर धार्मिक यात्रा पर जाने का फैसला किया है जब संसद का मॉनसून सत्र भी चल रहा है।



