पटना: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को IRCTC होटल भ्रष्टाचार मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने लालू प्रसाद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत आरोप तय किए। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर भी धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप लगाए गए हैं।
राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी खबर!
— NewG (@newGindia) October 13, 2025
लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी के खिलाफ IRCTC भ्रष्टाचार मामले में आरोप हुए तय
🔹कोर्ट ने कहा कि अब इस मामले में ट्रायल (मुकदमा) चलेगा।
🔹बिहार चुनाव से पहले लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं।#IRCTCSCam | #LaluYadav https://t.co/UBwrh6xIWR
लालू, राबड़ी और तेजस्वी ने कहा ‘हम निर्दोष हैं’
कोर्ट में पेशी के दौरान विशेष न्यायाधीश ने तीनों आरोपितों से पूछा कि क्या वे खुद को दोषी मानते हैं या मुकदमे का सामना करेंगे। तीनों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे खुद को निर्दोष मानते हैं और मुकदमे का सामना करेंगे। लालू प्रसाद यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे, जबकि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव उनके साथ मौजूद रहे।
क्या है IRCTC होटल भ्रष्टाचार मामला
यह मामला रांची और पुरी स्थित दो IRCTC होटलों के टेंडर आवंटन में भ्रष्टाचार से जुड़ा है। सीबीआई के अनुसार, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, उस दौरान होटल के टेंडर कुछ कंपनियों को नियमों के उल्लंघन में दिए गए। बदले में लालू परिवार को जमीन के सौदों के माध्यम से लाभ पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस सौदे में भूमि के बदले होटल अनुबंध (land for hotel deal) की मिलीभगत हुई थी।
धाराएं और आरोप
अदालत ने लालू प्रसाद यादव और अन्य पर आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत आरोप तय किए हैं। ये धाराएं गंभीर आर्थिक अपराध की श्रेणी में आती हैं, जिनमें दोषी पाए जाने पर 7 से 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। आपको बता दे कि 24 सितंबर को विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को 13 अक्टूबर को पेश होने का आदेश दिया था। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 29 मई को निर्णय सुरक्षित रखा था, और आज उसने अपना आदेश सुनाया। अब मामले की नियमित सुनवाई शुरू होगी, जिसमें गवाहों और सबूतों की जांच होगी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अदालत का यह निर्णय महागठबंधन (INDIA गठबंधन) के लिए झटका साबित हो सकता है। लालू यादव पहले से ही कई मामलों में सजायाफ्ता हैं और जमानत पर बाहर हैं। अब इस नए मुकदमे की सुनवाई चुनावी दौर में राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन सकती है।



