जन सुराज ने फोड़ा ‘स्कैम बम’, 100 करोड़ की जमीन 47 करोड़ में खरीदी गई!

पटना में जन सुराज पार्टी ने मंत्री अशोक चौधरी और उनके परिवार पर करोड़ों की जमीन खरीद घोटाले का आरोप लगाया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कागजी सबूत पेश कर बर्खास्तगी की मांग की गई।

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पटना: जन सुराज पार्टी मुख्यालय में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान प्रदेश महामहासचिव किशोर कुमार ने अशोक चौधरी की पत्नी नीता केसकर चौधरी और मानव वैभव विकास ट्रस्ट द्वारा कई कीमती जमीनों की खरीद से जुड़े कागजी साक्ष्य पेश किए। उन्होंने बताया कि नीता केसकर चौधरी ने साल 2021 और 2022 में दिलीप मित्तल और राकेश अग्रवाल नाम के बिल्डरों से दो प्रॉपर्टी खरीदीं। एक में उन्होंने अपनी पहचान में पति अशोक चौधरी का नाम दिया, जबकि दूसरे में अशोक चौधरी का नाम छिपाकर अपने पिता का नाम दर्ज कराया। इन दोनों प्रॉपर्टियों की खरीद में करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए गए। इनके डीड नंबर 2939 और 4640 हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, प्रदेश महासचिव किशोर कुमार, महासचिव सरवर अली, पार्टी की लीगल सेल के महासचिव अशोक कुमार दुबे और प्रवक्ता विवेक कुमार मौजूद रहे। पार्टी ने बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी पर प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में कागजी साक्ष्य पेश किए।

प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि जब प्रशांत किशोर जी ने अशोक चौधरी पर आरोप लगाए थे, तब सत्ता पक्ष की ओर कहा गया था कि सबूत कहां हैं? हम बताना चाहते हैं कि इतने सबूत हैं कि सभी प्रस्तुत नहीं किए जा सकते। इसलिए आज कुछ डॉक्यूमेंट आपके सामने रख रहे हैं। हमारा उद्देश्य जनता को सच्चाई बताना है। जनता से हमारी मांग है कि वे इनके साथ न्याय करें।

सवाल उठता है कि नीता केसकर चौधरी के पास इतनी रकम कहां से आई? एक ही बिल्डर से खरीदी गई दोनों प्रॉपर्टियों में उन्होंने अलग-अलग पहचान का उपयोग क्यों किया? हमारा आरोप है कि यह व्यावसायिक जमीनें हैं जिनकी खरीद में काला धन का इस्तेमाल किया गया है। सरकार को एजेंसियों से इनकी जांच करानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि नीता केसकर चौधरी पहले से ही पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े लगभग तीन करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में आरोपित हैं। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में अभी भी विचाराधीन है।

किशोर कुमार ने खरीदी गई जमीनों का भी ब्योरा दिया

किशोर कुमार ने आगे बताया कि स्वर्गीय किशोर कुणाल के परिवार से जुड़े मानव वैभव विकास ट्रस्ट के माध्यम से प्रॉपर्टी खरीद के डॉक्यूमेंट भी शेयर किए जा रहे हैं। इनकी खरीद अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी और स्वर्गीय किशोर कुणाल के बेटे सायन कुणाल के बीच वैवाहिक रिश्ता तय होने और विवाह के दौरान की गई थी। इस ट्रस्ट ने पहले कभी इतनी जमीनों की खरीदारी नहीं की थी। शादी तय होने के चार माह के अंदर ही हुई छह प्रॉपर्टी की खरीदारी के विवरण हमारे पास हैं।

ये सभी प्रॉपर्टी पटना के पॉश इलाकों में हैं, जिनमें-

  • 28 मार्च 2021 को श्रीकृष्णापुरी में 5.5 करोड़,
  • 12 मई 2022 को रूपसपुर में 3.4 करोड़, उसी दिन रूपसपुर में 8.9 करोड़,
  • 14 जुलाई 2022 को मैनपुरा में 7.2 करोड़,
  • 15 जुलाई 2022 को पाटलिपुत्र में 2.05 करोड़ और पाटलिपुत्र में ही 15.50 करोड़ की प्रॉपर्टी शामिल हैं।

इन सभी के लिए करीब 47 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है, जबकि इनका बाजार मूल्य 100 करोड़ रुपये से भी अधिक बताया गया है। हम कहना चाहते हैं कि स्वर्गीय किशोर कुणाल जी और इस ट्रस्ट के ट्रस्टी जियालाल आर्या की छवि अच्छी रही है। इस ट्रस्ट की सेक्रेटरी बिहार के मुख्य सचिव की माताजी प्रोफेसर कविता श्रीवास्तव हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि जैसे ही शांभवी चौधरी की शादी सायन कुणाल से तय हुई, वैसे ही इस ट्रस्ट ने इतनी संपत्ति की खरीद क्यों की?

किशोर कुमार ने यह भी बताया कि अशोक चौधरी ने साल 2019 में अपने पीए रहे योगेंद्र दत्त से संपत्ति की खरीद कराई। फिर साल 2021 में अपनी बेटी शांभवी चौधरी के नाम पर जमीन का ट्रांसफर करा लिया। शांभवी चौधरी के पढ़ाई के समय उनके खाते से योगेंद्र दत्त को 10 लाख रुपये दिए गए। बाद में इनकम टैक्स के नोटिस मिलने पर 27 अप्रैल 2025 को अशोक चौधरी ने योगेंद्र दत्त के खाते में जबरन 25 लाख रुपये जमा किए, क्योंकि योगेंद्र दत्त ने चार साल बाद रुपये लेने से इनकार कर दिया था।

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उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद छह मंत्रियों से इस्तीफा लिया और सातवें के रूप में तेजस्वी यादव से गठबंधन तोड़ दिया। अब हम जन सुराज की ओर से मांग करते हैं कि अशोक चौधरी से जवाब मांगा जाए या उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। बिहार के लोग आपके निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यदि ये लोग इस्तीफा नहीं देंगे तो हम सीधे बर्खास्तगी की भी मांग करेंगे। यदि इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती तो हम न्यायालय भी जा सकते हैं। लेकिन हमारी प्राथमिक मांग यह है कि पहले जनता की अदालत में न्याय हो।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

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