नई दिल्ली/पटना: दिल्ली स्थित अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय भवन में दिल्ली सरकार एवं मीडिया और सार्वजनिक नीति अनुसंधान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नमो बुक फेस्ट में बिहार की पूर्व विधायक एवं प्राचार्या डॉ. उषा विद्यार्थी को विशेष सम्मान से नवाजा गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, विचारों और कार्यों पर आधारित देशभर के लेखकों व बुद्धिजीवियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों की भव्य प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय सेमिनार का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों और विद्वानों ने अपने विचार रखे।
नरेंद्र मोदी : राष्ट्रनायक पुस्तक के लिए मिला सम्मान
डॉ. उषा विद्यार्थी को उनके द्वारा लिखित पुस्तक “नरेंद्र मोदी : राष्ट्रनायक” के लिए विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में खासा उत्साह देखने को मिला। दिल्ली से बिहार लौटने के बाद भी उनके निजी आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
नरेंद्र मोदी नए युग के गांधी
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. उषा विद्यार्थी ने प्रेस से बातचीत में कहा “ नरेंद्र मोदी केवल राष्ट्रनायक ही नहीं, बल्कि इस नए युग के गांधी भी हैं।”
35 वर्षों से सक्रिय राजनीति और लेखन में योगदान
डॉ. उषा विद्यार्थी पिछले लगभग 35 वर्षों से बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं। वे सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कई पुस्तकों की लेखिका हैं। हाल ही में उनकी पुस्तक “महिलाओं की राजनीतिक पाठशाला” प्रकाशित हुई है, जिसके माध्यम से वे बिहार भर में भ्रमण कर महिलाओं को राजनीतिक रूप से जागरूक और सशक्त बनाने का अभियान चला रही हैं। नमो बुक फेस्ट में मिला यह सम्मान उनके राजनीतिक, सामाजिक और साहित्यिक योगदान की एक महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।
रत्नेश पांडेय की रिपोर्ट



