पटना: बिहार के मतदाताओं के लिए यह खबर खास है। अगर किसी कारणवश किसी मतदाता के पास मतदाता पहचान पत्र( वोटर ID ) नहीं है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। चुनाव आयोग ने ऐसे पहचान पत्रों की एक सूची जारी की है। इनमें से कोई एक पहचान पत्र दिखाकर मतदान किया जा सकता है। इसके अलावा, आयोग ने बताया है कि बुर्का पहनने वाली महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए मतदान केंद्रों पर महिला मतदाता अधिकारी तैनात की जाएँगी ताकि उनकी पहचान सम्मानजनक तरीके से हो सके।
अधिकारियों को निर्देश
चुनाव आयोग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि बिहार के अलावा, जिन आठ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहाँ के सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूची तैयार होने के 15 दिनों के भीतर नए मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। हालाँकि, अगर किसी का नाम मतदाता सूची में है और उसके पास चुनाव आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र नहीं है, तो भी वह वोट डाल सकता है। उसे चुनाव आयोग की ओर से तय किए गए 12 में से कोई भी एक फोटो पहचान पत्र लेकर जाना होगा। इस बारे में चुनाव आयोग ने 7 अक्टूबर को नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
लिस्ट में ये शामिल
ऐसे पहचान पत्रों में आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, आयुष्मान कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।
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इनसे भी डाल सकते वोट
इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किए गए फोटो पहचान पत्र; सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र; और भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी विशेष दिव्यांग पहचान पत्र मान्य होंगे। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इनमें से किसी भी एक पहचान पत्र को दिखाकर मतदान किया जा सकता है, बशर्ते व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में हो।



