नई दिल्ली: भारतीय रेलवे मजदूर संघ के आह्वान पर उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन ने दिल्ली मंडल के डीआरएम (DRM) ऑफिस पर एक विशाल और उग्र प्रदर्शन किया। यह भारी विरोध प्रदर्शन रेलवे बोर्ड द्वारा हर साल पदों को समाप्त करने की ‘परंपरा’ के खिलाफ किया गया, जिसके तहत अब तक लगभग 30,000 पदों पर कैंची चलाई जा चुकी है।
काम बढ़ा लेकिन पद घटे
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन मंत्री और दिल्ली मंडल प्रभारी इंद्रजीत सिंह ने रेलवे बोर्ड की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि रेलवे में हर साल कार्यभार लगातार बढ़ रहा है। रेल पटरियों की लंबाई, पटरियों की संख्या और यात्रियों के परिवहन में गुणात्मक वृद्धि हो रही है, साथ ही स्टेशनों का तेजी से आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य के इस भारी विस्तार के अनुपात में पदों में वृद्धि होनी चाहिए थी, लेकिन तकनीकी उन्नति को ढाल बनाकर हर साल पदों को कम करना कर्मचारियों के साथ घोर अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में रेलवे को इसके गंभीर दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
30,000 पदों की बहाली की मांग उठी
मंडल मंत्री राजेश स्वामी ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट मांग रखी कि रेलवे बोर्ड द्वारा की गई लगभग 30,000 पदों की समाप्ति को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि पदों के समाप्त होने से उन कर्मचारियों की पदोन्नति (Promotion) पर सीधा और विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, जो दिन-रात रेलवे के सुचारू संचालन के लिए कठोर परिश्रम कर रहे हैं।
इन प्रमुख नेताओं और शाखाओं ने भरी हुंकार
इस प्रचंड प्रदर्शन में दिल्ली मंडल के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया और सभा को संबोधित किया। मंच से कर्मचारियों में जोश भरने वालों में मुख्य रूप से शामिल थे.अरविंद तेवतिया, नरेश, देवेंद्र छाबड़ा,विवेक कंचन,सतवीर सिंह (मंडल पदाधिकारी)
दिल्ली मंडल की इन शाखाओं का रहा भारी समर्थन
कार्यक्रम को सफल बनाने में दिल्ली मंडल की विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारियों ने भारी संख्या में शिरकत की। इनमें पुरानी दिल्ली, शकूर बस्ती, गाजियाबाद, मेरठ, शामली, आनंद विहार, निजामुद्दीन, तुगलकाबाद, कुरुक्षेत्र और नई दिल्ली ब्रांच के पदाधिकारी मुख्य रूप से सम्मिलित रहे।



