नालंदा: बिहार के नालंदा में रेलवे ट्रैक पर बड़ा हादसा होते-होते बचा गया। राजगीर-हरिद्वार स्पेशल ट्रेन अपनी अधिकतम रफ्तार से दौड़ रही थी तभी ट्रेन के Loco Pilot ने पटरी पर कुछ ऐसा देखा कि उसने आपातकालीन ब्रेक लगा दिया। ड्राइवर को भी अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा था कि ट्रेन वहां तक पहुंचकर रुकेगी या नहीं। ट्रैक पर करीब 300 लोग लाल झंडा लेकर खड़ थे।
पटरी पर खड़े थे 300 लोग
ट्रेन पटरी पर खड़े 300 लोगों के समूह के पास पहुंचने के कुछ ही मीटर पहले रुक गई। ये सभी लोग रेलवे अंडरपास के पानी में डूब जाने से नाराज थे और इसके विरोध में ट्रैक पर खड़े थे। उनके इस प्रदर्शन की जानकारी रेलवे को नहीं थी। ट्रेन पिछले स्टेशन से छूटी और रफ्तार में दौड़ रही थी। तभी लोगों की भीड़ पटरी पर खड़ी हो गई। अचानक इतनी दूरी पर 300 लोगों को देखकर Loco Pilot के हाथ पैर फूल गए।
Loco Pilot दीपक कुमार ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के इतने लोग अचानक ट्रैक पर आ गए थे। यह देखकर हम लोग डर गए थे कि कितने लोग ट्रेन की चपेट में आएंगे। ईश्वर की कृपा से इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को भीड़ से महज 10 मीटर पहले रोकने में कामयाब रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेलवे द्वारा ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाया गया अंडरपास में झमाझम बारिश से करीब 15 फीट पानी जमा हो गया है। इससे एक दर्जन गांवों का आवागमन बाधित हो गया है। इससे ग्रामिणों में नाराजगी है। नाराज ग्रामिणों ने शुक्रवार शाम 3 बजे से 7 बजे तक राजगीर हरिद्वार स्पेशल ट्रेन को रोककर घंटों विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग को लेकर अड़ रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने ट्रैक पर बैठकर ट्रेनों का आवागमन ठप कर दिया। ट्रेन के लोको पायलट दीपक कुमार ने बताया कि वे अपनी सामान्य गति से ट्रेन चला रहे थे, तभी अचानक उन्होंने देखा कि ट्रैक पर 250 से 300 लोग लाल झंडा लेकर खड़े हैं। तभी समय रहते आपातकालीन ब्रेक लगा दिया नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रेलवे ट्रैक की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने ऐसे विरोध प्रदर्शनों में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अंडर पास तालाब में तब्दील हो गया और 12 से अधिक गांवों का संपर्क एक सप्ताह से पूरी तरह कट गया है। इससे ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। अपने बच्चों के स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में असमर्थ ग्रामीणों ने इमली बिगहा और वेना हॉल्ट के बीच राजगीर-हरिद्वार स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 03223) को रोककर रेलवे ट्रैक पर ही धरना दे दिया, जिससे यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि पहले वे रेलवे फाटक से आते-जाते थे, लेकिन हाल ही में रेलवे ने उस क्रॉसिंग को बंद कर दिया और वहां अंडरपास बना दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि रेलवे फाटक बना दें ताकि आने जाने में सुविधा हो। रास्ता बंद कर देना समस्या का समाधान नहीं है। पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण अंडरपास में पानी से भर गया है।
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एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित
अंडरपास में करीब 15 फुट पानी जमा होने से इमली बिगहा, सलेमपुर, सुपासंग, पथना, चंदवारा, उफडौल और कुतुबपुर समेत सुपासंग पंचायत के लगभग एक दर्जन गांवों का संपर्क मुख्य रास्ते से कट गया है। वहीं, सदर डीएसपी 2 संजय जायसवाल ने बताया कि ग्रामिणों के ट्रेन रोकने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और आसपास के थानों की पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और समझा-बुझाकर ग्रामिणों का गुस्सा शांत कराया। इसके बाद रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन सामान्य हुआ। इस बीच रेलवे के अधिकारी भी वहां पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि ग्रामीणों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।



