जहानाबाद। असम विमान हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की मृत्यु के बाद अनुग्रह राशि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बिहार सरकार की ओर से दी गई 21 लाख रुपये की सहायता राशि शुभम की कथित पत्नी श्रेया राय को सौंपे जाने पर उनके परिवार ने सवाल उठाए हैं। शुभम के पिता अमरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्हें न तो बेटे की कथित कोर्ट मैरिज की जानकारी थी और न ही सहायता राशि दिए जाने की। उन्होंने कहा कि यदि शुभम ने वास्तव में श्रेया राय से विवाह किया था तो वह उनकी बहू हैं और राशि पाने की पूर्ण अधिकारिणी हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया परिवार से छिपाकर की गई।
2027 में होनी थी शादी
परिजनों के अनुसार शुभम और श्रेया एक-दूसरे को चाहते थे तथा दोनों परिवारों की सहमति से उनकी शादी नवंबर में होनी थी। परिवार में शोक होने के कारण विवाह को वर्ष 2027 की होली तक स्थगित कर दिया गया था। इसी बीच 13 जून को एक मिशन के दौरान शुभम वीरगति को प्राप्त हो गए। शुभम की शहादत की सूचना मिलने के बाद श्रेया राय उनके पार्थिव शरीर के साथ पैतृक गांव बनवरिया पहुंची थीं और अंतिम संस्कार के लिए गया के विष्णुपद तक परिवार के साथ रहीं। वहीं बिहार सरकार की ओर से हुलासगंज के अंचल अधिकारी ने उन्हें 21 लाख रुपये का चेक सौंप दिया। अमरेंद्र शर्मा का कहना है कि चेक दिए जाने की जानकारी उन्हें बाद में मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो प्रशासन और न ही श्रेया राय ने इस बारे में परिवार को सूचित किया। उन्होंने कहा कि चेक सौंपने की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से परिवार की मौजूदगी में होनी चाहिए थी। फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। वहीं, श्रेया राय अथवा प्रशासन की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



