नई दिल्ली: दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर में चुन्नी और प्रसाद नहीं मिलने से नाराज श्रद्धालुओं ने पीट-पीटकर सेवादार की हत्या कर दी। गंभीर रूप से घायल सेवादार को एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान योगेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के हरदोई का रहने वाला था। पिछले डेढ़ दशक से मंदिर में सेवादार था। स्थानीय लोगें ने एक आरोपी अतुल पांडेय को पकड़कर पुलिस का सौंप दिया है। पुलिस मामले में प्राथमिकी दर्जकर आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश की रही है।
कालकाजी मंदिर के अंदर सेवादार की निर्मम हत्या करने से पहले इन बदमाशों के हाथ नहीं कांपे? ये कानून व्यवस्था की विफलता नहीं तो और क्या है?
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 30, 2025
भाजपा के चारों इंजनों ने दिल्ली का ये हाल कर दिया है कि अब मंदिरों में भी ऐसी वारदातें हो रही हैं। क्या दिल्ली में कोई सुरक्षित है भी या नहीं… https://t.co/0WbyjP5Cus
चुन्नी प्रसाद मांगने पर विवाद शुरू हुआ
पुलिस के अनुसार, कालकाजी मंदिर में झगड़े की सूचना शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे मिली थी। जानकारी मिलने पर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को पता चला कि मंदिर में दर्शन करने आए आरोपायों ने उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी सेवादार योगेंद्र सिंह से चुन्नी और प्रसाद मांगा था, जिसके बाद यह विवाद शुरू हुआ था। पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी ने बताया कि विवाद ने तब हिंसक रूप ले लिया जब कुछ लड़कों ने सिंह पर घूंसे बरसाए और लाठियों से उनकी पिटाई की। इस हमले में योगेंद्र सिंह बुरी तरह से घायल हो गए थे। उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में कालकाजी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं केस दर्ज किया गया है। आरोपियों में एक की पहचान दिक्षणपुरी निवासी अतुल पांड के रूप में हुई है, जिसे स्थानीय लोगों ने मौके पर ही पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था।
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सेवादार की हत्या पर केजरीवाल ने बीजेपी को घेरा
मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी को घेरा है। उन्होंने कहा कालकाजी मंदिर के अंदर सेवादार की निर्मम हत्या करने से पहले इन बदमाशों के हाथ नहीं कांपे? ये कानून व्यवस्था की विफलता नहीं तो और क्या है? बीजेपी के चारों इंजनों ने दिल्ली का ये हाल कर दिया है कि अब मंदिरों में भी ऐसी वारदातें हो रही हैं. .क्या दिल्ली में कोई सुरक्षित है भी या नहीं?



