नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व एवं “खेलो इंडिया” की तर्ज पर खेलो दिल्ली, दिल्ली खेल महाकुंभ का आगाज 13 फरवरी शुरू होगा। 30,000 से अधिक खिलाड़ी 17 स्टेडियमों सात प्रमुख खेलों एथलेटिक्स, फुटबॉल, रेसलिंग, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी स्पर्धा में छात्र अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। यह दिल्ली के खेल इतिहास की एक ऐतिहासिक पहल है, जिसके माध्यम से राजधानी में खेल संस्कृति को सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया है।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उचित मंच और अवसर प्रदान करने की है। दिल्ली सरकार द्वारा खेल महाकुंभ में सात प्रमुख खेलों का आयोजन किया जा रहा है। दिल्ली खेल महाकुंभ के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में सात प्रमुख खेलों जैसे एथलेटिक्स, फुटबॉल, रेसलिंग, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी एवं अन्य चयनित स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा।
17 प्रमुख स्टेडियमों में किया जाएगा आयोजन
इन खेलों का आयोजन दिल्ली के 17 प्रमुख स्टेडियमों में किया जाएगा, जिनमें छत्रसाल स्टेडियम, बाबाना, नजफगढ़, विकासपुरी, दक्षिणी दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं। सूद ने कहा की कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन कल छत्रसाल स्टेडियम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी। उद्घाटन समारोह का मार्च-पास्ट की अगुवाई दिल्ली के पैरा एथलीट करेंगे।
सूद ने कहा की खेल महोत्सव का उद्देश्य व्यापक भागीदारी कर बड़ा लक्ष्य हासिल करना है। अब तक 16 हज़ार से ज्यादा खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है और यह प्रक्रिया जारी है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि एक माह तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ में 30,000 से अधिक खिलाड़ी भाग लें। आगामी वर्षों में इसे बढ़ाकर प्रति वर्ष 1 लाख से अधिक खिलाड़ियों को ग्रासरूट स्तर पर जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
महिलाओं को भी प्रतिभा दिखाने का एक प्लेटफार्म मिलेगा

शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि खेल महोत्सव में महिलाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का एक प्लेटफार्म मिलेगा । महिलाओं की सेफ्टी का भी विषय ध्यान रखा जाएगा । महिलाओं के खेलों में भागीदार होने से अन्य महिलाओं पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और वह भी खेलों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगी।
मंत्री ने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन सिखाता है और उन्हें नशे एवं अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस आयोजन के माध्यम से न केवल प्रतिभाओं की पहचान ही नही होगी, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की दिशा में ठोस प्रयास किए भी जाएंगे। इस खेल महोत्सव से दिल्ली में इंफ्रास्ट्रक्चर को नया आयाम भी मिलेगा। दिल्ली के विभिन्न स्टेडियमों में प्रतियोगिताओं के आयोजन से खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन भी होगा। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने खेल विभाग को आश्वस्त किया है कि आने वाले समय में खेल सुविधाओं को और अधिक आधुनिक एवं विश्वस्तरीय बनाया जाएगा।
क्रिकेटर शिखर धवन ब्रांड एंबेसडर है

इस प्रतियोगिता के लिए दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शिखर धवन को दिल्ली खेल महाकुंभ का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है, ताकि युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिले और खेलों के प्रति उत्साह बढ़े। मंत्री ने मीडिया से अनुरोध किया है वे खेलों को सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करें और इस महाकुंभ के विभिन्न आयोजनों को व्यापक रूप से प्रसारित करें, ताकि दिल्ली के हर कोने तक खेल का संदेश पहुंचे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार के इस प्रयास से राजधानी में एक सशक्त खेल संस्कृति और विश्वस्तरीय खेल संस्कृति विकसित होगी, जिससे आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दिल्ली की मेडल टैली में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।



