नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता में इस साल लगातार सुधार हो रहा है। 2025 के पहले 11 महीनों में दिल्ली ने पिछले 8 सालों में अपना सबसे कम औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) दर्ज किया है। जनवरी से नवंबर 2025 तक दिल्ली का एवरेज एक्यूआई 187 रहा, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है। इस साल, दिल्ली में सिर्फ 3 दिन ऐसे रहे जब एक्यूआई का औसत 400 से ज्यादा था, जो ”गंभीर से गंभीर प्लस” श्रेणी में आता है। 2024 में ये संख्या 11 दिन, 2023 में 12 दिन, 2022 में 4 दिन और 2021 में 17 दिन थी। इसके अलावा, इस साल ऐसा कोई दिन नहीं आया जब एक्यूआई 450 से ज्यादा हो, जबकि 2024 में 2 दिन, 2021 में 3 दिन और 2019 में 5 दिन ऐसे थे।
दिल्ली में इस साल पीएम2.5 और पीएम10 कंसंट्रेशन भी कम हुए हैं। जनवरी से नवंबर 2025 तक, पीएम2.5 का एवरेज 85 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जो पिछले वर्षों के मुकाबले सबसे कम है। 2024 में यह 98 था, 2023 में 90 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और 2022 में भी यह 90 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। इसी तरह, पीएम10 कंसंट्रेशन भी 183 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो 2018 के बाद सबसे कम है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के एक अधिकारी ने बताया कि इस सुधार का श्रेय दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए किए गए प्रयासों को जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और अन्य संबंधित एजेंसियां एक्यूआई को सुधारने के लिए लगातार काम कर रही हैं। दिल्ली सरकार ने कई योजनाओं के माध्यम से प्रदूषण की मात्रा कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, जिससे इस साल हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुधार भविष्य में भी जारी रहेगा, और दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई को बेहतर बनाने के लिए और भी कदम उठाए जाएंगे।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 245 में से महज 16 शहरों में हवा ‘बेहतर’ है। 75 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर ‘संतोषजनक’ (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 29 नवंबर 2025 को यह आंकड़ा 77 दर्ज किया गया था। 114 शहरों में वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ (101-200 के बीच) बनी हुई है। दूसरे शहरों की तुलना में आज कोयंबटूर (347) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां एक्यूआई 350 के करीब पहुंच गया। बता दें कि कल कोयंबटूर में सूचकांक 142 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब की आज वहां प्रदूषण के स्तर में 205 अंकों का भारी उछाल आया है। इसके साथ ही कोयंबटूर में वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम से ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है।
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गौरतलब है कि 29 नवंबर देश में सोनीपत की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 329 दर्ज किया गया था। सोनीपत में आज वायु गुणवत्ता में कोई बदलाव नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। इसके साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर 279 पर पहुंच गया। इसी तरफ फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है, जहां 36 अंकों के सुधार के साथ एक्यूआई घटकर 176 रिकॉर्ड किया गया। मतलब की फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज ‘खराब’ से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।



