पटना: अमेरिका द्वारा 25% आयात शुल्क लगाने के फैसले से बिहार के निर्यात पर बड़ा असर पड़ने वाला है। इस फैसले के बाद बिहार से अमेरिका भेजे जाने वाले प्रमुख उत्पाद, जैसे मखाना, बासमती चावल, हल्दी और मिथिला पेंटिंग महंगे हो जाएंगे, जिससे निर्यातकों के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
किन-किन उत्पादों पर होगा असर
बिहार से अमेरिका को निर्यात की जाने वाली मुख्य वस्तुओं में मखाना, बासमती चावल, हल्दी, आम, लीची, कपड़ा और मिथिला पेंटिंग शामिल हैं। अभी तक इन उत्पादों पर अमेरिका में शून्य से 10% तक का टैरिफ लगता था लेकिन नए टैरिफ के लागू होने के बाद इनकी कीमतों में भारी बढ़ोतरी होगी।
मखाना
बिहार के मखाना निर्यात का 25% हिस्सा अकेले अमेरिका को जाता है। अभी तक मखाने पर 3.5% आयात शुल्क था, जो बढ़कर 25% हो जाएगा। इससे अमेरिका में मखाने की कीमत में भारी उछाल आएगा। मखाना निर्यातक सत्यजीत कुमार सिंह के मुताबिक, अभी अमेरिका में मखाना 8 हजार रुपये प्रति किलो बिकता है। नए शुल्क के बाद आयातक निर्यातकों से कीमत कम करने की मांग करेंगे, जो संभव नहीं होगा।
अन्य कृषि उत्पाद
बासमती चावल, आम और लीची जैसे कृषि उत्पादों का निर्यात भी प्रभावित होगा, हालांकि इनका मुख्य बाजार खाड़ी और यूरोपीय देश हैं।
निर्यातकों के सामने नई चुनौतियां
इस फैसले के बाद बिहार के निर्यातकों को अपनी रणनीति बदलनी होगी। अमेरिकी बाजार में कीमतें बढ़ने के कारण मांग में कमी आने की आशंका है, जिससे बिहार का निर्यात प्रभावित हो सकता है। निर्यातकों का कहना है कि अब उन्हें यूरोपीय यूनियन और दक्षिण एशियाई देशों में नए बाजारों की तलाश करनी होगी।
ब्रिटेन एक नया विकल्प
हाल ही में ब्रिटेन के साथ हुए व्यापार समझौते के बाद वह बिहार के उत्पादों के लिए एक नया और बेहतर बाजार बन सकता है। बिहार से सालाना करीब 150 करोड़ रुपये का मखाना कारोबार होता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा अमेरिका को निर्यात किया जाता है। अब इस फैसले के बाद मखाना कारोबारियों के लिए राह आसान नहीं होगी और उन्हें अपने उत्पादों के लिए नए खरीदारों की तलाश करनी होगी।



