नई दिल्ली: दिल्ली में सहकारिता बैंकिंग व अन्य सहकारिता से जुड़े क्षेत्रों को सशक्त बनाया जाएगा ताकि वो विकसित दिल्ली निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। विभागीय कार्यशैली में पारदर्शिता, बैंकों की नई शाखाएं, आसान वित्तीय सहायता एवं आत्मनिर्भर बनाने की योजनाओं पर जोर देकर हम दिल्ली के सहकारिता क्षेत्रों को देश में अग्रणी व मॉडल बनाएंगे। दिल्ली सरकार के सहकारिता मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने यह बात जाकिर बाग, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी से ह्यूमैनिटी फर्स्ट एम्बुलेंस सेवा के शुभारम्भ कार्यक्रम में कहीं।
यह एम्बुलेंस सेवा गंभीर रोगियों को आसपास के अस्पतालों तक पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस एम्बुलेंस सेवा को जामिया कोऑपरेटिव बैंक की ओर से आमजन को समर्पित किया गया। गंभीर रोगियों को अस्पतालों तक पहुँचाने के अलावा, ह्यूमैनिटी फर्स्ट एम्बुलेंस सेवा मृतकों को अस्पताल से घर तथा कब्रिस्तान/श्मशान तक ले जाने की व्यवस्था भी करेगी, ताकि उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।
सहकारिता आंदोलन को ऊंचाइयों पर पहुंचाया
रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सहकार से समृद्धि के संकल्प ने भारत के सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। देश की दो अग्रणी सहकारी संस्थाओं अमूल और इफको ने वैश्विक सहकारी संस्थाओं की रैंकिंग में क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। विकसित भारत और विकसित दिल्ली की दिशा में दिल्ली का सहकारिता क्षेत्र भी महत्वपूर्ण योगदान दे इसके लिए प्रदेश में पहली बार व्यापक सुधार व प्रयास किये जा रहे हैं।
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री ने शुभकामनायें देते हुए कहा कि जामिया कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड सहकारिता की भावना को बढ़ावा देने एवं छोटे व्यवसायों का समर्थन करने के लिए समर्पित है। बैंक की आठ शाखाएँ दक्षिण दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं, जिनका उद्देश्य गरीब एवं वंचित वर्ग को वित्तीय सशक्तिकरण प्रदान करना है। बैंक के अध्यक्ष एम.क्यू.एच. बेग ने सहकारिता मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि बैंक आगे भी ऐसे सामाजिक योगदानों में अग्रणी रहेगा। जामिया कोऑपरेटिव बैंक की ओर से शुरू की गई इस सेवा का संचालन एवं प्रबंधन जामिया नेशनल फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा।



