नई दिल्ली: कल यानी 10 अक्टूबर को देश भर में महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखेंगी। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अच्छी पहल की है। सीएम रेखा कल यानी शुक्रवार को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में सामूहिक रूप से करवाचौथ मनाएंगी। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए पहला अवसर है, जब वो इस तरह से विशेष आयोजन में शामिल होंगी।
ये महिलाएं होंगी शामिल
इसे लेकर मुख्यमंत्री रेखा ने कहा है कि इस पर्व को लेकर वह उत्सुक और भावनाओं से ओतप्रोत हैं। क्योंकि यह पर्व भारतीय महिलाओं के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक बंधन की पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इस आयोजन में विभिन्न संगठनों से जुड़ी महिलाएं, महिला विधायक, सांसदों की पत्नियां, महिला अधिकारी और परिवार की महिलाएं शामिल होंगी।
महिलाएं करेंगी प्रतिनिधित्व
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पिछले लगभग 15 वर्षों से वह अपने क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर इस पर्व का आयोजन करती रही हैं। इस आयोजन में महिलाओं की सहभागिता अत्यधिक रही है, जो केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के बीच आपसी स्नेह, सहयोग और सामाजिक जुड़ाव का अवसर भी बनता है। इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं के सामूहिक सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं। इस बार उनके द्वारा मनाए जा रहे करवाचौथ के पर्व में पूरी दिल्ली की महिलाएं प्रतिनिधित्व करेंगी।

क्या होगा कार्यक्रम में?
इस अवसर पर न केवल पारंपरिक व्रत और पूजन होगा, बल्कि महिलाओं को सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कथा वाचन और पारंपरिक गीतों के माध्यम से परंपरा से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस आयोजन में अपनापन, गरिमा और सौहार्द की विशेष झलक देखने को मिलेगी। यह कार्यक्रम महिलाओं के बीच आपसी स्नेह और समुदाय की भावना को मजबूती देने का अवसर है।
समाज में संतुलन ज़रूरी
मुख्यमंत्री आगे कहती हैं कि करवाचौथ केवल व्यक्तिगत श्रद्धा का पर्व नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और महिलाओं के सामूहिक उत्साह का प्रतीक भी है। सामूहिक आयोजन के माध्यम से यह संदेश जाता है कि परंपरा और आधुनिक जीवन के बीच संतुलन बनाकर समाज में गरिमा, सम्मान और अपनापन बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन में शामिल महिलाओं को न केवल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा, बल्कि यह उनके लिए सामाजिक जुड़ाव, स्नेह और सम्मान का भी अवसर साबित होगा।



