नई दिल्ली: भारत में 120 साल पुराना एक विचार फिर से उभर रहा है। पहले ये विचार आजादी के लिए था और इस बार भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का मुकाबला करने के लिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए, दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग और डीएसआईआईडीसी द्वारा स्वदेशी उत्सव 2025 का आयोजन किया गया है। तीन दिवसीय यह कार्यक्रम स्वदेशी थीम पर आधारित है।
हर भारतीय को अपने भीतर छिपे ‘स्वदेशी सैनिक’ को पहचानने की जरूरत है
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा हर भारतीय को अपने भीतर छिपे उस ‘स्वदेशी सैनिक’ को पहचानने की जरूरत है, जो अपने परिश्रम और समर्पण से देश की आर्थिक सीमाओं की रक्षा करता है। प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आह्वान ने देशवासियों में आत्मविश्वास और नवाचार की भावना को मज़बूत किया है। स्वदेशी आंदोलन के पीछे की सोच है कि यह सिर्फ एक नारे तक सीमित न रहकर भारत की नई आर्थिक शक्ति के रूप में उभरे।
अभियान केवल दीयों या हस्तशिल्प तक सीमित नहीं है
यह अभियान केवल दीयों या हस्तशिल्प तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य हर उद्योग क्षेत्र में भारतीय ब्रांड्स को वैश्विक पहचान दिलाना है। अब समय आ गया है कि हम विदेशी उत्पादों पर नहीं, बल्कि अपने भारतीय उत्पादों पर गर्व करें। पहनें, इस्तेमाल करें और गर्व से कहें ‘यह मेरा भारतीय ब्रांड है।
सच्ची आत्मनिर्भरता भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में छिपी है
जब ‘मेड इन इंडिया’ गुणवत्ता और भरोसे का प्रतीक बन जाएगा, तभी भारत सच्चे अर्थों में विश्वगुरु कहलाने का अधिकारी बनेगा। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा। “जब पूरी दुनिया थम गई थी, तब भारत ने न केवल अपनी जरूरतें पूरी कीं बल्कि दूसरे देशों की मदद करके आत्मनिर्भरता का अद्भुत मिशाल पेश की। रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार राजधानी के हर जिले में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ की तर्ज पर स्थानीय उद्योगों, शिल्प और उत्पादों को बढ़ावा देगी ताकि दिल्ली की अपनी एक औद्योगिक पहचान बन सके और यहां के ब्रांड्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले।
दिवाली पर स्वदेशी उत्पादों की खरीद अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी
इस दिवाली स्वदेशी उत्पादों की खरीद न केवल अर्थव्यवस्था को मज़बूती देगी, बल्कि यह देशभक्ति की भावना को भी मजबूत करेगी। स्वदेशी अपनाना ही सच्चे अर्थों में देशसेवा है। दिल्ली को स्वदेशी उत्पादों के प्रकाश से जगमगाएं। मुख्यमंत्री ने डीएसआईआईडीसी, उद्योग विभाग की आयोजन के लिए सराहना की। साथ ही कहा दिल्ली सरकार स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप, दिल्ली सरकार पूरे शहर में स्वदेशी को बढ़ावा देने का एक अभियान चला रही है। इंडिया गेट पर लगे 100 से ज़्यादा स्टॉल भारत की उद्यमशीलता की ताकत को दर्शा रहे हैं। जिनमें पीएम फूड प्रोसेसिंग योजना के तहत 11 उद्यम, तिहाड़ जेल की दो इकाइयां, स्वयं सहायता समूह और देशभर के कारीगर शामिल हैं। सभी स्वदेशी अपनाने के संकल्प को जीवंत कर रहे हैं।
आज दिल्ली में लोग खरीदारी से पहले पूछ रहे हैं क्या ये स्वदेशी उत्पाद कोहै? यह बदलाव एक नई राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। स्वदेशी अपनाकर नागरिक न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की भावना को भी सशक्त बना रहे हैं। आने वाले एक वर्ष में इस आंदोलन का असर भारत के निर्यात और उद्योग जगत के आत्मविश्वास में दिखेगा।
स्वदेशी उत्सव में शामिल हैं
- 100 प्रदर्शन स्टॉल — एमएसएमई, शिल्पकारों, महिला उद्यमियों, एसएचजी, ओडीओपी निर्यातकों और एससी/एसटी उद्यमियों के लिए।
- पारंपरिक भारतीय व्यंजनों के साथ फूड कोर्ट।
- भारत की कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- सीआईआई, एसोचैम, फिक्की, सिडबी, और चैंबर ऑफ़ इंडियन एमएसएमई जैसे उद्योग संगठनों के विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र।



