पटना: बिहार की सियासी सरजमीं पर विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है। इसी बीच राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान विपक्ष पर सीधी चोट की। एनडीए के सीट बंटवारे पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई समझौता तभी मुमकिन है जब वह सम्मानजनक हो। साथ ही, कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की पटना बैठक को निशाना बनाते हुए उन्होंने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बीच वर्चस्व की लड़ाई का जिक्र किया। चिराग ने दोनों दलों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़कर दिखाएं।
पटना में चिराग पासवान ने कहा, “सम्मानजनक ही होगा, सम्मानजनक समझौता किए बिना कौन गठबंधन में रहा है?” उन्होंने एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर आशावादी रुख अपनाते हुए जोर दिया कि उनकी पार्टी ऐसी सीटें चाहती है जहां जीत की पूरी गारंटी हो, जैसा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पांच में से पांच सीटें जीतकर साबित किया। चिराग ने याद दिलाया कि 2020 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने अकेले ही 137 सीटों पर दांव लगाया था और एक सीट जीती, जो उनकी क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हम एनडीए के साथ हैं, लेकिन सम्मान के बिना कोई समझौता नहीं
राहुल गांधी महफिल लूटकर चले जाते हैं- चिराग
कांग्रेस की पटना बैठक पर चिराग ने तंज कसते हुए इसे दबाव की राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आते हैं, तेजस्वी यादव के साथ यात्रा करते हैं, महफिल लूटकर चले जाते हैं। अब तो साफ दिख रहा है कि कांग्रेस और राजद के बीच सीधा वर्चस्व का संघर्ष शुरू हो चुका है। चिराग ने कांग्रेस को देश की सबसे पुरानी पार्टी बताते हुए चुनौती दी है कि कांग्रेस को अकेले चुनाव लड़ना चाहिए। उन्हें कुछ खोना नहीं है। न कांग्रेस अकेले लड़ सकती है, न राजद, जो बिहार की सबसे पुरानी पार्टियों में से एक है। वे चिराग पासवान को अकेले लड़ने के लिए निशाना बनाते हैं लेकिन हमने तो 2020 में साबित कर दिया। उनका यह बयान महागठबंधन में सीट बंटवारे के मौजूदा विवाद को और हवा दे सकता है, जहां कांग्रेस 70-100 सीटों की मांग कर रही है।
प्रियंका गांधी के दौरे पर व्यंग्य
प्रियंका गांधी के बिहार दौरे और महिलाओं से संवाद कार्यक्रम पर चिराग ने सराहना की, लेकिन व्यंग्य भी किया। उन्होंने कहा कि यह अच्छी पहल है, लेकिन उन्हें पहले आना चाहिए था। अब तो देर हो चुकी है। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त के बिहार दौरे पर उन्होंने इसे शुभ दिन की शुरुआत बताया। चिराग ने कहा कि चुनाव से पहले ऐसा दौरा परंपरा है। अब सीट फॉर्मूले पर बातचीत तेज हो जाएगी। एनडीए के 225 से अधिक सीटें जीतने के दावे के साथ चिराग ने विपक्ष पर ‘जंगल राज’ लौटाने का आरोप लगाया।
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चिराग पासवान
"अगर कांग्रेस और राजद में हिम्मत है तो बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़कर दिखाएं। हमने 2020 में अकेले लड़कर अपनी ताकत दिखाई थी। सम्मानजनक समझौता ही गठबंधन की कुंजी है।"
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग का यह आक्रामक रुख एनडीए में उनकी पार्टी की स्थिति मजबूत करने का प्रयास है। लोजपा (रामविलास) ने 40 सीटों की मांग रखी है, जबकि जेडीयू और भाजपा के बीच भी संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण है। महागठबंधन में पहले से ही माले और कांग्रेस की मांगों से उलझन है, और चिराग का बयान विपक्ष को और बेचैन कर सकता है। बिहार चुनाव, जो अक्टूबर-नवंबर में होने वाले हैं, अब और रोचक हो गए हैं।



