पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के तहत 6 नवंबर को 121 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। आज शाम चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा, जिसके बाद सभी पार्टियां बूथ मैनेजमेंट और मतदाता जागरूकता पर फोकस करेंगी। चुनाव आयोग ने मतदान की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
डोर-टू-डोर कैंपेन
आज शाम से बुधवार की रात तक विभिन्न दलों के कार्यकर्ता और स्थानीय नेता घर-घर जाकर मतदाताओं से संवाद करेंगे। इस दौरान लोगों से व्यक्तिगत बातचीत कर उन्हें मतदान के लिए प्रेरित किया जाएगा। दल की कोर टीम ने यह तय किया है कि किन-किन इलाकों में किस कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जाएगी और किन बस्तियों या मोहल्लों में कौन संपर्क करेगा। कुछ दलों ने अपने ‘कोर वोट बैंक’ वाले इलाकों में विशेष निगरानी टीम बनाई है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि बूथवार मतदाता turnout अधिकतम रहे।
18 जिलों में होगा मतदान
पहले चरण के लिए मतदान 6 नवंबर (बुधवार) को होगा, जिसमें राज्य के 18 जिलों के मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। इन जिलों में मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर शामिल हैं।
3.75 करोड़ मतदाता डालेंगे वोट
चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में कुल 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इन मतदाताओं के लिए राज्य भर में 45,341 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस चरण में कुल 1,314 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को साधने की आखिरी कोशिश कर रहे हैं।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारी पूरी
पहले चरण के सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था और मतदान कर्मियों की तैनाती को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। प्रत्येक बूथ पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती होगी ताकि मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।
ईवीएम और वीवीपैट की डिस्पैच प्रक्रिया शुरू
चुनाव आयोग ने बताया कि 5 नवंबर की शाम तक सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम (EVM), वीवीपैट (VVPAT) और अन्य चुनावी सामग्रियां पहुंचा दी जाएंगी। साथ ही, मतदान दलों और सुरक्षा कर्मियों को संबंधित मतदान स्थलों पर रवाना किया जा रहा है ताकि 6 नवंबर की सुबह 7 बजे से मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू की जा सके।



