पटना। बिहार विधानसभा की 18वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार को नवनिर्वाचित विधायकों के शपथग्रहण के साथ शुरू हुआ। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान द्वारा नियुक्त प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने सदन में सभी नए सदस्यों को शपथ दिलाई। बिहार के 243 सदस्यीय विधानसभा में शपथ के प्रारूप हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू और मैथिली में उपलब्ध कराए गए थे। इस अवसर पर तारापुर विधानसभा सीट से निर्वाचित उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सबसे पहले शपथ ली। इसके बाद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शपथ ग्रहण किया, जो लगातार चौथी बार लखीसराय से विधायक चुने गए हैं।
कई विधायकों ने मिथिली में ली शपथ
शपथ ग्रहण के बाद मंत्रियों ने प्रोटेम स्पीकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अभिवादन किया। मिथिलांचल क्षेत्र से आने वाले कई विधायकों ने मैथिली में शपथ ली, जिनमें मंत्री अरुण शंकर प्रसाद और अलीनगर से निर्वाचित सबसे कम उम्र की विधायक एवं गायिका मैथिली ठाकुर शामिल हैं। वहीं, अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ विधायक और एआईएमआईएम के सदस्य उर्दू में शपथ लेने को प्राथमिकता देने लगे।
विधायकों ने शपथ के बाद लगाए नारे
कटिहार से भाजपा के वरिष्ठ नेता तारकिशोर प्रसाद, सोनबरसा से जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक रत्नेश सदा और अन्य कुछ सदस्यों ने संस्कृत में शपथ ली। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक विष्णु देव पासवान ने अंग्रेजी में शपथ ग्रहण किया। इस दौरान कई विधायकों ने ‘जय बिहार’, ‘जय भारत’, ‘बिहार जिंदाबाद’, ‘सीमांचल जिंदाबाद’ और ‘जय भीम’ जैसे नारे भी लगाए।
नए मंत्रियों ने सबसे पहले शपथ ली, उसके बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और अन्य विधायकों ने शपथ ग्रहण किया। पांच दिन के इस लघु सत्र में विभिन्न सरकारी और विधायी कार्यों को निपटाया जाएगा, हालांकि इस अवधि में विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्न शामिल नहीं होंगे।
यह विधानसभा का पहला सत्र है जो पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित होगा। सदन में सभी विधायकों की मेजों पर वाई-फाई से जुड़े टैब लगाए गए हैं। बाद में उन्हें ‘नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन’ (नेवा) के प्रशिक्षण से भी अवगत कराया जाएगा, जो देश की सभी विधानसभाओं का डिजिटल मंच है।
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सदन के अध्यक्ष पद के लिए नौ बार के विधायक और पूर्व मंत्री प्रेम कुमार का नाम सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायकों द्वारा प्रस्तावित किया गया है। वह सोमवार को नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और अन्य नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। एनडीए के 202 विधायक होने के कारण अध्यक्ष पद पर किसी प्रकार की प्रतिस्पर्धा की संभावना नहीं है और प्रेम कुमार के मंगलवार को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुने जाने की उम्मीद जताई जा रही है।



