भागलपुर: बिहार, जो कभी अपनी कृषि समस्याओं के लिए जाना जाता था, अब देश के कृषि विकास में एक अहम योगदानकर्ता के रूप में उभर रहा है। इसी विकास को रेखांकित करते हुए, बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) ने मंगलवार को अपना 16वां स्थापना दिवस मनाया। इस दौरान सीता सिंदूर’ खेती को ‘GI टैग’ का प्रस्ताव मिला है।इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने बिहार की बदलती तस्वीर की सराहना की और जोर देकर कहा कि कृषि क्षेत्र में और निवेश तथा युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। समारोह में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि अगर सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो बिहार कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बन सकता है। यह आयोजन एक तरह से बीएयू के पिछले 16 सालों की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया।
बिहार अब विकास में दे रहा अग्रणी योगदान: प्रो. निवास राव
इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली के निदेशक और कुलपति प्रो. निवास राव मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि बिहार के बारे में जैसी पुरानी धारणाएं थीं, अब वह उससे काफी अलग है। उन्होंने कहा, “बिहार के संस्थान अब देश के विकास में अग्रणी योगदान दे रहे हैं और यहां का कृषि क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है।” प्रो. राव ने कृषि उत्पादों के निर्यात में बिहार को और बेहतर करने की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं को कृषि की ओर आकर्षित करने के लिए एग्री-प्रेन्योरशिप को प्रोत्साहित करने की बात कही।
बीएयू के स्टार्टअप को मिली सराहना
समारोह की अध्यक्षता करते हुए बीएयू के कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह ने IARI के निदेशक से अनुरोध किया कि वे बीएयू द्वारा विकसित कुछ किस्मों का ‘ब्रीडर्स राइट’ दें ताकि बीजों का उत्पादन और बेहतर तरीके से किया जा सके। उन्होंने बताया कि ‘सीता सिंदूर’ को जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा, “भारत तभी विकसित होगा, जब बिहार विकसित होगा।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य में बीएयू का स्टार्टअप नंबर वन है।
सिंदूर की खेती और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज
पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने सिंदूर की खेती पर बनी एक शॉर्ट फिल्म का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर की गूंज अब विश्व स्तर तक पहुँच चुकी है।” उन्होंने बीएयू द्वारा प्राकृतिक सीता सिंदूर को लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उठाए गए कदमों की जमकर सराहना की। इस मौके पर भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने बीएयू द्वारा गोद लिए गए स्कूल पर बनी शॉर्ट फिल्म ‘नन्हीं उम्मीदों’ का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि बीएयू के उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए ही नीति आयोग ने इसे ‘पूर्वोदय योजना’ के तहत नोडल विश्वविद्यालय बनाया है।
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IARI और BAU के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
स्थापना दिवस समारोह के दौरान, IARI और BAU के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इस पर IARI के निदेशक और BAU के कुलपति ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते से दोनों संस्थानों के बीच शोध और विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा। कार्यक्रम का उद्घाटन सेंट्रल ऑडिटोरियम में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें सभी अतिथि और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।इससे पहले सभी अतिथियों ने सेंट्रल ऑडिटोरियम के बाहर सिंदूर का पौधा भी लगाया, जो कार्यक्रम का एक प्रतीकात्मक हिस्सा था।



