पटना: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ की तैयारियां चल रही हैं। सीएम नीतीश सोमवार को राजभवन पहुंचे और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की। इस दौरान नीतीश कुमार ने राजयपाल को पत्र सौंपा और 19 को विधानसभा भंग करने की मांग की। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और वरिष्ठ जेडीयू नेता विजय चौधरी भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में शपथ लेंगे।
पीएम मोदी और कई बड़े नेता होंगे शामिल
एनडीए और भाजपा ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनलाल यादव, असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वशर्मा और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल सहित कई राज्यों के प्रमुख नेता पटना पहुँचेंगे। उपमुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भी तय मानी जा रही है।
दिल्ली में हुई बैठक में तय हुआ नेतृत्व और रणनीति
रविवार को पटना से दिल्ली पहुंचे एनडीए गठबंधन के नेताओं ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ लंबी बैठक की। बैठक में साफ कर दिया गया कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे। इसके साथ ही विधायक दल के नेता, शपथ ग्रहण की तारीख और मंत्रिमंडल के आकार पर विस्तार से चर्चा हुई। गठबंधन दलों ने एक स्वर में कहा कि एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्थिर और प्रभावी सरकार देगा।
एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद मंत्रिमंडल पर तेज अटकलें
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए को 202 सीटों पर मिली बड़ी जीत के बाद अब जिलों से लेकर राजधानी तक इस बात पर चर्चाएँ तेज हैं कि नए मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा। सूत्रों का कहना है कि छह विधायकों पर एक मंत्री पद का फार्मूला लागू किया जा रहा है, जिसके अनुसार मंत्रिमंडल का आकार 30 से 32 सदस्यों के बीच हो सकता है।
बीजेपी और जेडीयू कोटे को लेकर गहन मंथन
मंत्रिमंडल में कोटे का बंटवारा भी लगभग तय है। भाजपा को 15 से 16, जेडीयू को 14 से 16, एलजेपी (रामविलास) को 3, हम को 1 और रालोमो को 1 पद मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस बंटवारे पर दिल्ली में अंतिम चर्चा चल रही है और नामों की औपचारिक घोषणा जल्द की जाएगी।
एलजेपी (रा) से राजू तिवारी और संजय पासवान सबसे आगे
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से मंत्री पद के लिए दो नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं, राजू तिवारी और संजय पासवान। चिराग पासवान ने इन दोनों नामों पर अपनी सहमति भी जाहिर की है और पार्टी को इस बार तीन पद मिलने की उम्मीद है। यह एलजेपी के लिए राजनीतिक रूप से बड़ा विस्तार माना जा रहा है।
रालोमो से स्नेहलता कुशवाहा का नाम लगभग तय
राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा को मंत्री पद मिलने की संभावना सबसे अधिक है। पार्टी को मिलने वाले एक पद के लिए उनका नाम सबसे मजबूत माना जा रहा है और इस फैसले पर दिल्ली में सहमति बनने की उम्मीद है।
हम में कोई बदलाव नहीं
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी सूची में कोई बदलाव नहीं होगा। संतोष सुमन को एक बार फिर मंत्री पद मिलने की पूरी संभावना है। मांझी ने कहा है कि एनडीए में सभी दलों को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
जेडीयू कोटे से कई बड़े नामों की वापसी तय
जेडीयू कोटे से जिन नेताओं की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें विजय चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, जयंत राज और सुनील कुमार शामिल हैं। ये सभी वर्तमान मंत्री हैं और दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। इसके अलावा मंजीत सिंह और रामसेवक सिंह के नाम भी उभर रहे हैं। अगर सुनील कुमार को इस बार मौका नहीं मिलता है तो संतोष निराला या श्याम रजक को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है।
बीजेपी कोटे से बड़े चेहरे और दो नए नामों की चर्चा
भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा उपमुख्यमंत्री पद के लिए लगभग तय हैं। नितिन नवीन को फिर से पथ निर्माण विभाग और मंगल पांडेय को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। हरि सहनी भी मंत्रिमंडल में वापसी कर सकते हैं। यदि विजय सिन्हा मंत्री पद पर नहीं रहते हैं तो उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा भी है। भाजपा से दो नए नाम रामकृपाल यादव और दीघा विधायक संजय चौरसिया भी काफी तेजी से उभर रहे हैं।
तीन उपमुख्यमंत्रियों के फार्मूले पर भी विचार
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि इस बार एनडीए तीन उपमुख्यमंत्री बना सकता है। तीसरा पद एलजेपी (रामविलास) या जेडीयू में से किसी को मिल सकता है। इस पर अंतिम निर्णय भाजपा हाईकमान के स्तर पर होगा।



