पटना: भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार चुनाव में वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों, दिव्यांगों और सर्विस वाले मतदाताओं को डाक मतपत्र के जरिए मतदान की सुविधा देने की घोषणा की है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत, 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाता और दिव्यांगजन फॉर्म 12डी भरकर, चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर अपने बीएलओ (ब्लॉक स्तर अधिकारी) के माध्यम से पीठासीन अधिकारी को आवेदन भेज सकते हैं। इसके बाद चुनावी दल उनके घर जाकर उनका वोट एकत्र करेंगे, ताकि वे आसानी से और सुरक्षित रूप से मतदान कर सकें।
आवश्यक सेवाओं से जुड़े मतदाता
अग्निशमन, स्वास्थ्य, बिजली, यातायात, एम्बुलेंस, विमानन और लंबी दूरी की सरकारी सड़क परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं में काम करने वाले मतदाता भी डाक मतपत्र की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने संबंधित विभाग के नामित नोडल अधिकारी के माध्यम से आवेदन करना होगा।
सेवारत मतदाता और मीडियाकर्मी
सेवारत मतदाता (जिन्हें चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची के अनुसार डाक मतपत्र भेजा जाएगा) को उनका मत इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट सिस्टम (ETPBS) के जरिए प्राप्त होगा। इन मतदाताओं को डाक खर्च वहन करने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही, निर्वाचन आयोग ने अधिकृत मीडियाकर्मियों को भी इस सुविधा के अंतर्गत लाया है ताकि वे मतदान दिवस पर अनुपस्थित रहने के बावजूद अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
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निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश
निर्वाचन आयोग ने पीठासीन अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस सुविधा के बारे में सभी राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को विस्तृत जानकारी प्रदान करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी पात्र मतदाताओं तक यह सुविधा पहुंचे और वे अपने मताधिकार का उपयोग बिना किसी बाधा के कर सकें।
यह पहल लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डाक मतपत्र सुविधा के माध्यम से बुजुर्ग, दिव्यांग, और आवश्यक सेवाओं में कार्यरत मतदाता बिना किसी असुविधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। साथ ही, मीडियाकर्मियों को इस सुविधा में शामिल करने से चुनावी कवरेज से जुड़े पेशेवरों को भी मतदान का अवसर मिलेगा।



