पटना (बिहार): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election 2025) से पहले नीतीश सरकार महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया है। अब आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय 7,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 4,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये कर दिया गया है। बिहार सरकार ने यह निर्णय आंगनबाड़ी कर्मचारियों के कार्यों को सम्मानित करने के लिए लिया है। सीएम नीतीश कुमार ने इस निर्णय की जानकारी अपने एक्स हैंडल पर दी है।
महिला रोजगार योजना का शुभारंभ
इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने बिहार सरकार की महिला रोजगार योजना के ऑनलाइन पोर्टल का उद्घाटन किया। इस योजना के तहत सरकार हर घर की एक महिला को 10,000 रुपये प्रदान करेगी। इस योजना पर चुनाव से पहले सरकार करीब 27 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी, और इसके लिए 2 सितंबर को कैबिनेट से 20 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी भी प्राप्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इस योजना की शुरुआत के दौरान कहा, ‘महिलाओं की मांग पर ही बिहार में शराबबंदी लागू की गई। अब महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और स्वावलंबी बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की गई है।’
राज्य में बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण एवं जीवन स्तर में सुधार करने में आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनकी इसी भूमिका का सम्मान करते हुये हमलोगों ने उनके मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। अब आंगनबाड़ी सेविका का मानदेय 7,000 रूपये से…
— Nitish Kumar (@NitishKumar) September 8, 2025
Bihar Election 2025- महिलाओं के लिए नीतीश कुमार की अन्य घोषणाएं
जीविका दीदियों के लोन का ब्याज घटाया
मुख्यमंत्री नीतीश ने 21 जून, 2025 को जीविका दीदियों और कर्मचारियों से जुड़े दो बड़े फैसले लिए। पहले, उन्होंने 3 लाख रुपये से अधिक के बैंक लोन पर 3 प्रतिशत ब्याज की कटौती की, जिससे अब जीविका दीदियों को 7 प्रतिशत ब्याज देना होगा। पहले यह ब्याज 10 प्रतिशत था। दूसरा, उन्होंने जीविका के सभी 1 लाख 40 हजार कर्मचारियों की सैलरी को दोगुना कर दिया। इससे ब्लॉक कर्मचारियों को 50,000 रुपये और गांव के कर्मचारियों को 25,000 रुपये तक सैलरी मिलेगी।
महिलाओं के रिजर्वेशन में डोमिसाइल नीति लागू
8 जुलाई, 2025 को नीतीश सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को मिलने वाले 35 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण में डोमिसाइल नीति लागू कर दी। इसका मतलब है कि अब दूसरे राज्य की महिला अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। इस कदम से नीतीश सरकार ने महिला कर्मचारियों को अपने पाले में लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
आशा-ममता कार्यकर्ताओं का वेतन बढ़ाया
सरकार ने 30 जुलाई को आशा और ममता कार्यकर्ताओं के वेतन में बढ़ोतरी की घोषणा की। अब ‘आशा’ कार्यकर्ताओं को 1,000 रुपये की बजाय 3,000 रुपये मासिक और ‘ममता’ कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव 300 रुपये की बजाय 600 रुपये मिलेंगे। इससे करीब 95,000 ‘आशा’ और 4,600 ‘ममता’ कार्यकर्ताओं को लाभ होगा। Bihar Election 2025
लखपति दीदी योजना से आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश
बिहार सरकार ने लखपति दीदी योजना को भी लागू किया है। इस योजना के तहत, महिलाओं को बिना ब्याज के 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा। इसके साथ ही, महिलाओं को स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग भी दी जाएगी ताकि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें। इस योजना का उद्देश्य बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ी
मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये प्रति माह कर दिया है। यह राशि लाभार्थियों के खातों में डाली जाएगी। इस योजना का मुख्य लाभ विधवा महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को होगा। इससे लगभग 1 करोड़ 9 लाख लोग लाभान्वित होंगे।
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बजट में महिलाओं की छोटी-छोटी जरूरतों पर ध्यान
बिहार सरकार ने चुनावी बजट में महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं बनाई हैं। इनमें पिंक टॉयलेट, पिंक बस, महिला हाट, कन्या मंडप, और महिलाओं के लिए रोजगार से जुड़े कई अन्य उपाय शामिल हैं। यह योजनाएं महिलाओं को न सिर्फ सुरक्षित और सहायक वातावरण देंगी, बल्कि उनके रोजगार के अवसर भी बढ़ाएंगी।
Bihar Election 2025- कौन से फैसले महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं?
- महिलाओं का आरक्षण: डोमिसाइल नीति लागू करने से बिहार के स्थानीय महिलाओं को ज्यादा लाभ मिलेगा।
- आर्थिक सहायता: महिला रोजगार योजना और लखपति दीदी योजना से महिलाओं को स्वावलंबन मिलेगा।
- सामाजिक सुरक्षा: वृद्ध महिलाओं और दिव्यांगों के लिए पेंशन में वृद्धि का कदम उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा।
कुल मिलाकर, इन फैसलों का असर चुनाव पर पड़ेगा या नहीं, यह तो चुनाव के बाद ही स्पष्ट होगा। लेकिन इन घोषणाओं से बिहार में महिलाओं को एक नई दिशा मिल सकती है। नीतीश कुमार की सरकार चुनाव से पहले महिलाओं को साधने और उन्हें राजनीतिक रूप से सक्रिय करने के लिए इन योजनाओं को लागू कर रही है, जिससे उनकी राजनीतिक धारा को प्रभावित किया जा सके।



