पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इन फैसलों का सीधा असर राज्य के छात्रों, शिक्षकों और पर्यटन क्षेत्र पर पड़ेगा। कुल 16 एजेंडों पर सहमति बनी, जिनमें प्रतियोगी परीक्षा शुल्क में कमी, राजकीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों की प्रोत्साहन राशि को दोगुना करना और राजगीर व वैशाली में 5-स्टार होटल का निर्माण शामिल है।
प्रतियोगी परीक्षा शुल्क में भारी कटौती, मुख्य परीक्षा निःशुल्क
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह सबसे बड़ी खबर है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, अब राज्य में होने वाली सामान्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन शुल्क घटाकर मात्र ₹100 कर दिया गया है। इससे भी बड़ी राहत यह है कि मुख्य परीक्षा (Mains Exam) के लिए अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, यानी मुख्य परीक्षा पूरी तरह से निःशुल्क होगी। यह नियम बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार कर्मचारी चयन आयोग, बिहार तकनीकी सेवा आयोग, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग और केंद्रीय सिपाही चयन पर्षद जैसी प्रमुख भर्ती संस्थाओं की परीक्षाओं पर लागू होगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पूर्व घोषणा का ही हिस्सा है।
शिक्षकों को मिलेगा दोगुना सम्मान
राज्य के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए भी एक अहम फैसला लिया गया है। राजकीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को सरकार ने बढ़ाकर ₹15,000 से ₹30,000 कर दिया है। इस कदम से शिक्षकों का मनोबल बढ़ने की उम्मीद है।
पर्यटन को बढ़ावा: राजगीर और वैशाली में बनेंगे 5-स्टार होटल
बिहार में पर्यटन को नई गति देने के लिए नालंदा जिले के राजगीर और वैशाली में पर्यटकों की सुविधा के लिए नए पांच सितारा होटलों का निर्माण किया जाएगा। कैबिनेट ने वैशाली में एक और राजगीर में दो 5-स्टार होटल खोलने का फैसला किया है। इन होटलों का निर्माण PPP (जन-निजी भागीदारी) मोड पर किया जाएगा। इन होटलों के बनने से पर्यटकों को बेहतर आवास सुविधा मिल सकेगी, जिससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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अन्य प्रमुख फैसले
सुरक्षा: बांका जिले के मौथाबाड़ी में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस वाहिनी का मुख्यालय बनाया जाएगा। इसके लिए गृह विभाग को मुफ्त में जमीन देने को मंजूरी दी गई है।
ऊर्जा: मधेपुरा जिले के चौसा में 132/33 केवी ग्रीड सब स्टेशन के लिए बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी को जमीन हस्तांतरण की मंजूरी मिली है।
सड़क एवं इंफ्रास्ट्रक्चर: सालेपुर, नरसंडा, तेलमर, करौटा, एनएच-30 पर 19.43 किलोमीटर के सेक्शन को 2 लेन से 4 लेन करने के लिए ₹539 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
राजगीर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक पहुंच मार्ग पर आरओबी समेत 4 लेन हाईवे के निर्माण के लिए ₹364 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
कृषि: बिहार के 20 कृषि बाजारों के लिए एकमुश्त अनुदान (one time grant) के रूप में ₹6 करोड़ खर्च करने की मंजूरी दी गई है।



