पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए 200 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 60 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है, तो जदयू 33 सीटें जीत चुकी है। आरजेडी 25 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी मुख्यालय पहुंच चुके हैं।
नीतीश की अद्भुत वापसी
एग्जिट पोल में जेडीयू की वापसी के संकेत मिलते ही पटना स्थित पार्टी कार्यालय में उत्साह देखने को मिला। “टाइगर अभी ज़िंदा है” लिखे बड़े पोस्टर लगाए गए, जो नीतीश कुमार की राजनीतिक दृढ़ता और लड़ने की क्षमता को दर्शाते हैं। लगातार लगभग दो दशकों तक बिहार की सत्ता में रहने के बाद नीतीश इस बार अपनी सबसे कठिन परीक्षा से गुजर रहे थे। शासन को लेकर थकान, बार-बार गठबंधन बदलना और जनता में पनप रही नयी राजनीतिक आकांक्षाओं के कारण ऐसा माना जा रहा था कि इस बार नीतीश की राह मुश्किल हो सकती है।
विरासत से निकलकर आगे बढ़े नीतीश
बीते वर्षों में सर्वेक्षणों ने एक साफ रुझान दिखाया था, नीतीश की पसंदीदा मुख्यमंत्री की रेटिंग में लगातार गिरावट आ रही थी।
2020 में यह रेटिंग 37% थी, जबकि इस चुनाव से पहले यह 16% से 25% के बीच पहुंच चुकी थी। इसके बावजूद, भाजपा और जेडीयू ने 101-101 सीटों पर बराबर का सीट साझा किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि भाजपा का चेहरा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता ही एनडीए को बढ़त दिलाएगी, नीतीश का प्रभाव सीमित रहेगा। लेकिन मतगणना के रुझानों ने इस धारणा को पूरी तरह गलत साबित कर दिया।



