नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुला को फिर से 7-7 साल की सजा सुनाई गई है। रामपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट ने फर्जी पैन कार्ड मामले में उन्हें दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपया का जुर्माना भी लगाया गया है। फैसले के बाद अदालत में ही पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
फिर जाना पड़ेगा जेल
आपको बता दें कि आजम खान बीते 23 सितंबर को ही सीतापुर जेल से रिहा हुए थे। उनके बेटे अब्दुल्ला 9 महीने पहले हरदोई जेल से छूटे थे। अब दोनों को फिर से जेल जाना पड़ेगा। कोर्ट के फैसले के बाद विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि सत्य की जीत हुई है। आजम खान पर चल रहे सारे मामले पेपर एविडेंस पर आधारित हैं। सारे केस में उनके खिलाफ सबूत हैं।
क्या है फर्जी पैन कार्ड मामला
फर्जी पैन कार्ड से जुड़ा यह मामला 2019 का है। रामपुर में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि आजम ने अपने बेटे अब्दुल्ला को चुनाव लड़ाने के लिए दो अलग-अलग जन्म प्रमाणपत्रों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए थे।
अपनी मूल जन्मतिथि 1 जनवरी, 1993 के अनुसार, अब्दुल्ला 2017 का चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे। उनकी उम्र अभी 25 साल भी नहीं हुई थी। इसलिए, आजम ने अपना जन्म वर्ष 1990 दिखाते हुए दूसरा पैन कार्ड बनवाया।
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सपा के संस्थापक रहे आजम खान
आपको बता दें कि आजम खान समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं। वे सपा के कोर ग्रुप का हिस्सा रहे हैं। मुलायम सिंह यादव जब मुख्यमंत्री थे यूपी कैबिनेट की कोई ऐसी बैठक नहीं होती थी, जिसमें आजम शामिल न हो। सपा सरकार में 4 बार मंत्री रहे हैं। मुलायम के बाद जब अखिलेश ने गद्दी संभाली तो आजम को नगर विकास मंत्री बनाया गया।



