पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की रणभेरी के बीच मोकामा सीट पर सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है। जनसुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की 30 अक्टूबर को हुई हत्या के मामले में पूर्व विधायक अनंत सिंह को पटना सिविल कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्हें पटना के बेऊर जेल में रखा गया है। जहां वे तीन महीने पहले भी एक पुराने मामले में बंद थे। यह गिरफ्तारी न केवल JDU के लिए झटका है, बल्कि बहुबली नेता की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर भी सवालिया निशान लगा रही है।
घटना की शुरुआत 30 अक्टूबर को तब हुई जब दुलारचंद यादव जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार में जुटे थे। आरोप है कि अनंत सिंह के समर्थकों ने हमला किया, जिसमें गोलीबारी और पथराव के दौरान दुलारचंद को पैर में गोली लगी, जो उनकी मौत का कारण बनी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया। गिरफ्तारी की प्रक्रिया 1 नवंबर की रात को शुरू हुई, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम बाढ़ थाना क्षेत्र पहुंची। अनंत सिंह अपने समर्थकों के बीच थे। SSP ने उनसे लगभग 35 मिनट तक बातचीत की, जिसमें मामले की जानकारी ली गई। इसके बाद रात 11:30 बजे पुलिस ने पूर्व विधायक को हिरासत में ले लिया। पटना पहुंचने पर रात 2 बजे प्रशासन ने उनकी गिरफ्तारी की आधिकारिक घोषणा की।
मेडिकल जांच DIU में हुई
गिरफ्तारी से पहले अनंत सिंह और अन्य दो सहयोगियों मणिकांत ठाकुर व रंजीत राम की मेडिकल जांच DIU सेल में हुई। तीनों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां सबूतों के आधार पर न्यायिक हिरासत का आदेश जारी हुआ। पुलिस ने कुल 80 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि पांच मुख्य आरोपियों की तलाश जारी है।
मोकामा में भूमिहार का दबदबा
SSP शर्मा ने बताया, “यह हत्या चुनावी हिंसा का हिस्सा लगती है। सीआईडी को जांच सौंपी गई है, और पथराव में इस्तेमाल पत्थरों के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।” मोकामा को बहुबलियों का गढ़ माना जाता है, जहां भूमिहार समुदाय का दबदबा है। इस सीट पर JDU ने अनंत सिंह को टिकट दिया, जबकि RJD ने बहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी विणा देवी को मैदान में उतारा।
स्थिति अब नियंत्रण में है
DM त्यागराजन एसएम ने कहा, “हमने 48 घंटों से लगातार कैंप किया। स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।



