पटना/गोपालगंज: खराब मौसम के कारण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को गोपालगंज नहीं पहुंच पाए, लेकिन उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जनसभा को संबोधित किया। शाह ने अपने 8 मिनट के भाषण में बिहार की जनता से एनडीए सरकार को दोबारा मौका देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ विधायक चुनने का नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य का फैसला करने वाला चुनाव है।
शाह ने अपने भाषण में राज्य के लोगों को ‘जंगलराज’ के दौर की याद दिलाई और कहा कि बिहार यह तय करेगा कि सत्ता उन लोगों के हाथ में जाए जिन्होंने नरसंहार और आतंक से धरती को लाल किया, या उन लोगों के हाथ में जो विकास और सुशासन लाए।
गोपालगंज जनसभा को वर्चुअली संबोधित कर रहा हूँ… https://t.co/PJ8muTjZ96
— Amit Shah (@AmitShah) November 1, 2025
‘फिर चालू होंगी बंद मिलें’
अमित शाह ने बिहार के विकास को लेकर कहा कि बंद मिलें फिर से चलेंगी, किसानों-जीविका दीदी के खाते में और पैसा आएगा। “प्रधानमंत्री मोदी ने रीगा की बंद चीनी मिल को चालू करवाया है। आने वाले पांच सालों में बिहार की बाकी बंद पड़ी चीनी मिलों को भी चालू कराया जाएगा। एनडीए सरकार ने किसानों और महिलाओं के लिए बड़े फैसले लिए हैं।
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‘जंगलराज’ और नरसंहार की याद दिलाई
शाह ने कहा कि गोपालगंज के लोगों से ज्यादा साधु यादव के कारनामों को कोई नहीं जानता। बिहार में एक ऐसा दौर था जब बथानी टोला, सोनारी, शंकरबीघा जैसे 34 नरसंहार हुए। लालू-राबड़ी के शासन ने बिहार की धरती को रक्तरंजित किया। वह दौर बिहार को पीछे ले गया था। उन्होंने कहा कि मोदी और नीतीश के नेतृत्व में बिहार ने वह अंधेरा खत्म किया है। आज कानून व्यवस्था मजबूत हुई है, सड़कें और उद्योग बढ़ रहे हैं, और युवाओं को रोजगार मिल रहा है। अब फिर से बिहार को स्थिर सरकार चाहिए।



