दिल्ली। 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं खरीदी जा सकेंगी। भारत सरकार ने एक अहम फैसले के तहत 12 फीसदी से ज्यादा अल्कोहल युक्त दवाओं को Schedule H1 श्रेणी में शामिल कर दिया है। इस श्रेणी में आने वाली दवाओं की बिक्री केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही की जा सकेगी। नए नियम के तहत इन दवाओं को बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों को बिक्री का रिकॉर्ड भी रखना होगा। सरकार के इस फैसले का सीधा असर कई कफ सिरप और टॉनिक पर पड़ेगा, क्योंकि इनमें अल्कोहल की मात्रा मौजूद होती है। अब तक कई जगहों पर लोग बिना किसी पर्चे के कफ सिरप खरीद लेते थे, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद इसके लिए डॉक्टर की सलाह और प्रिस्क्रिप्शन जरूरी होगा।
नशे के रूप में दवा लेना सख्त
सरकार ने यह कदम अल्कोहल युक्त दवाओं और कोडीन वाले कफ सिरप के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया है। कई राज्यों में कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी और इन्हें नशे के रूप में इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।इसी को देखते हुए सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन किया है। पिछले साल राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप से जुड़ी घटनाओं के बाद इस दिशा में सख्ती बढ़ाने की तैयारी की गई थी।इस बदलाव के लिए अक्टूबर 2025 में ड्राफ्ट नियम जारी कर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। कोई बड़ी आपत्ति नहीं मिलने के बाद सरकार ने दवा तकनीकी सलाहकार बोर्ड (DTAB) से चर्चा कर इसे अंतिम रूप दे दिया।
क्या है Schedule H1?
Schedule H1 भारत के ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत एक ऐसी श्रेणी है, जिसमें उन प्रिस्क्रिप्शन दवाओं को रखा जाता है जिनकी बिक्री और इस्तेमाल पर विशेष निगरानी जरूरी होती है।इस श्रेणी की दवाओं को बेचने वाली फार्मेसियों के लिए बिक्री का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होता है। साथ ही डॉक्टर की पर्ची को सुरक्षित रखना भी जरूरी होता है, ताकि इन दवाओं की बिक्री और उपयोग पर निगरानी रखी जा सके।



