नई दिल्ली: पूर्व भारतीय दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने अपने पिता योगराज सिंह के महेंद्र सिंह धोनी और कपिल देव के खिलाफ दिए गए विवादास्पद बयानों से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है। एक इंटरव्यू में युवराज ने स्पष्ट किया कि उनके पिता की टिप्पणियां “सही नहीं” थी और वह इसके लिए दोनों महान क्रिकेटरों से “दिल से माफी” मांगते हैं।
यह मेरे विचार नहीं हैं
हाल के दिनों में योगराज सिंह ने धोनी पर युवराज का करियर बर्बाद करने का आरोप लगाया था और कपिल देव के साथ अपने पुराने विवादों को लेकर भी कड़े अपशब्दों का प्रयोग किया था। इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए 2011 विश्व कप के नायक युवराज ने कहा, “मैं कपिल पाजी और एमएस धोनी से इन टिप्पणियों के लिए माफी मांगना चाहता हूं। कपिल पाजी भारत के महान खिलाड़ी रहे हैं। उनके और मेरे पिता के बीच कैसे संबंध थे, मुझे नहीं पता, तब तो मेरा जन्म भी नहीं हुआ था।”
धोनी के बारे में बात करते हुए युवराज ने कहा, “मैंने एमएस धोनी के साथ क्रिकेट खेला है और उनके साथ मेरे अच्छे संबंध रहे हैं। पिता ने जो उनके बारे में कहा, मैंने उनसे साफ़ कह दिया है कि यह ठीक नहीं है। मैंने उन्हें समझाया कि आपकी बातों का असर मुझ पर पड़ता है, इसलिए कृपया ऐसी बातें न करें।”
धोनी और कपिल देव को दी सफाई
युवराज ने विश्वास जताया कि धोनी और कपिल देव दोनों जानते हैं कि ये शब्द उनके नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैं ईमानदारी से उन दोनों से माफी मांगता हूं, लेकिन वे भी जानते हैं कि ये मेरे विचार नहीं हैं। एक क्रिकेटर के तौर पर, देश के लिए उनके योगदान के लिए मेरे मन में उनके प्रति बहुत सम्मान है।”
विवाद की जड़: योगराज सिंह के आरोप
कपिल देव के खिलाफ: योगराज का दावा है कि जब वह क्रिकेट खेलते थे, तब हरियाणा और नॉर्थ जोन के कप्तान रहे कपिल देव ने उन्हें बिना किसी कारण के टीम से बाहर कर दिया था। योगराज ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि उन्होंने इस मुद्दे पर कपिल देव को उनके घर जाकर अपशब्द कहे थे।
एमएस धोनी के खिलाफ: योगराज सिंह लंबे समय से धोनी को निशाना बनाते रहे हैं। उनका मानना है कि धोनी की वजह से ही युवराज को 2011 के बाद टीम से बाहर होना पड़ा और वह 2019 विश्व कप नहीं खेल सके। उन्होंने यहाँ तक कहा था कि वह धोनी को कभी माफ नहीं करेंगे।



